नई दिल्ली. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की सख्ती और लंबे विवाद के बाद श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग (एओएल) ने जुर्माने की बकाया राशि 4.75 करोड़ जमा कर दी है. 
 
एओएल ने यमुना के किनारे इंवेट का आयोजन किया था जिसपर एनजीटी ने पांच करोड़ का जुर्माना लगाया. इस बीच एओएल ने 25 लाख तो पहले ही जमा कर दिए थे लेकिन बकाया राशि 3 जून को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के खाते में जमा कराई है.
 
क्या है मामला?
देश की राजधानी दिल्ली में चंद रोज बाद पूरी दुनिया की संस्कृतियों का महामिलन होने जा रहे है. 11 मार्च से 13 मार्च तक यमुना किनारे आर्ट ऑफ लिविंग के गुरु श्री श्री रविशंकर एक खास आयोजन करने जा रहे हैं. जिसको वर्ल्‍ड कल्‍चरल सेंटर नाम दिया गया.
 
इस बीच वर्ल्‍ड कल्‍चरल सेंटर कार्यक्रम को लेकर एनजीटी में याचिका दायर की गई थी. जिसमें कहा गया था कि श्री श्री रविशंकर की संस्था के इस प्रोग्राम के लिए बड़े पैमाने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
 
इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान नियमों की अनदेखी करने पर एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग संस्‍था पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. एनजीटी ने संस्‍था को कार्यक्रम की अनुमति इस आधार पर दी थी कि वह बाकी की रकम कार्यक्रम खत्‍म होने के बाद जमा करा देंगे.