चेन्नै. एआईएडीएमके की प्रवक्ता सीआर सरस्वती ने कहा कि शनिवार यानि के 23 मई से तमिलनाडु की कमान जे जयललिता संभाल सकती हैं. करीब आठ महीने पहले 67 साल की जयललिता को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराया गया था. इसके बाद अपने तीसरे टर्म के बीच में ही उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

इस महीने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा भ्रष्टाचार के मामले में बरी किए जाने के बाद उनकी वापसी की राह खुल गई थी. इस फैसले के बाद से ही जया के वफादार उन्हें सत्ता सौंपने की खुशामदी में लगे थे. जयललिता को अपनी संपत्ति में अवैध तरीके से 50 करोड़ रुपये जोड़ने के मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने बरी कर दिया था. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद जयललिता को 6 महीने के अंदर विधानसभा चुनाव जीतना होगा.

शुक्रवार को बरी होने के बाद जयललिता जो कि तमिलनाडु में ‘अम्मा’ से जानी जाती हैं, एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन को माला पहनाने निकलेंगी. इसी दिन सुबह के वक्त वह अपने 150 विधायकों से मुलाकात करेंगी. यहीं पर उन्हें फिर से विधायक दल का नेता चुना जाएगा और इसके बाद वह फिर से तमिलनाडु की कमान संभाल लेंगी.

सोमवार को अपने एक बयान में जयललिता ने संकेत कर दिया था. उन्होंने कहा था कि जो पार्टी के कार्यकर्ता चाहते हैं वह जल्द ही होनेवाला है. कोर्ट द्वारा जयललिता को दोषी ठहराने के बाद ओ पन्नीरसेल्वम तमिलनाडु के सीएम बने थे. पन्नीरसेल्वम के शपथग्रहण समारोह में एआईएडीएमके के नेता रोते हुए दिखे थे. तब जयललिता जेल में थीं. जया के समर्थन में कार्यकर्ता हिंसक हो गए थे और इन्होंने बसों में आग लगा दी थी. जयललिता ने कहा था कि उनके जेल में जाने के कारण करीब 200 लोगों ने जान दे दी थी.

IANS