मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा हिंसा का मास्टर मांइड रामवृक्ष यादव का अंतिम संस्कार कर दिया है. वकिल के मुताबिक पुलिस प्रशासन ने रामवृक्ष यादव का अंतिम संस्कार कर दिया है. वकिल ने आरोप लगया है कि रामवृक्ष की बेटी की तरफ से शव मांगा गया था लेकिन उन्हें शव सौंपा नहीं गया था. बता दें मथुरा हिंसा में एसपी सीटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव समेत 29 लोगों की मौत हो गई है. इस फायरिंग में कुछ लोग भी घायल हो गए जिनका इलाज चल रहा है. 
 
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320 लोगों की हुई गिरफ्तार
पुलिस ने इलाके से बड़ी मात्रा में गोला बारूद बरामद किया और 320 लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक मारे गए लोगों में से 11 की सिलेंडर विस्फोट के चलते झुलसकर मौत हुई थी. अतिक्रमणकारियों ने मौके से हटने से पहले उन झोपड़ियों को आग लगा दी, जहां बम, विस्फोटक और गैस सिलेंडर रखे हुए थे.
 
 
कौन है रामवृक्ष यादव?
मथुरा में हुए बवाल का मुख्य आरोपी रामवृक्ष बाबा जयगुरुदेव का शिष्य हुआ करता था और उनकी जायदाद में हिस्से के लिए लंबी लड़ाई की. लेकिन जब वहां से कुछ नहीं मिला तो इसने अलग संगठन बना लिया. रामवृक्ष गाजीपुर के मरदह ब्लॉक के रायपुर बाघपुर गांव का रहने वाला था. 15 मार्च 2014 में वो करीब 200 लोगों को लेकर मथुरा आया था.  उसने यहां पर 2 दिन रहने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी लेकिन दो दिन बाद वो वहां से हटा नही. 
 
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पहले तो रामवृक्ष यहां एक झोपड़ी बनाकर रहने लगा फिर धीरे-धीरे वहां कई झोपडियां बन गईं. देखते ही देखते रामवृक्ष ने 280 एकड़ में अपनी सत्ता चलाने लगा. रामवृक्ष इनता ताकतवर हो गया कि प्रशासन भी इसका कुछ नहीं कर सकी. इमरजेंसी के दौरान 1975 में जेल में बंद भी रहा. रामवृक्ष को यूपी सरकार की ओर से लोकतंत्र सेनानी का पेंशन भी मिलता है. रामवृक्ष की दो बेटी और दो बेटे हैं.