अमृतसर. पंजाब में ऑपरेशन ब्लू स्टार की सोमवार को 32वीं बरसी है. इस मौके पर अमृतसर के अलावा पंजाब के कई दूसरे हिस्सों में पुलिस ने सुरक्षा कड़े इंतजाम किए हैं. इस दौरान किसी भी तरह के जुलूस और नारेबाजी पर रोक लगाई गई है. पंजाब पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की 15 टुकड़ियां तैनात की गई हैं जिसमें छह अमृतसर और बाकी की टुकड़ियों को लुधियाना, जालंधर और पटियाला में तैनात किया गया है. बता दें कि पिछले दो साल से लगातार स्वर्ण मंदिर में एसजीपीसी टास्क फोर्स और शिरोमणि अकाली दल समर्थकों के बीच झड़पें होती आ रही हैं. 2014 में तो तलवारें तक चल गई थीं.
 
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स्वर्ण मंदिर में मीडिया पर भी बैन
अमृतसर में दो तीन दिन से दल खालसा और कई सिख संगठन जुलूस निकाल रहे हैं. शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमिटी (एसजीपीसी) ने कहा है कि किसी को भी स्वर्ण मंदिर में जुलूस के साथ घुसने नहीं दिया जाएगा. एसजीपीसी ने स्वर्ण मंदिर परिसर में मीडिया कवरेज पर आज रोक लगा दी. एसजीपीसी के मुख्य सचिव हरचरण सिंह ने इस संबंध में आदेश पारित किया.
 
CM ने की शांति बनाए रखने की अपील
 पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सोमवार को ऑपरेशन ब्लूस्टार की 32 वीं बरसी मनाए जाने पर शांति बनाए रखने को कहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शांति, सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने को प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कड़ी नजर रख रही है और कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है. 
 
कुछ सिख संगठनों ने बुलाया बंद 
शहर में शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए ऐहतियातन कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. कुछ सिख संगठनों ने बंद भी बुलाया है. हालांकि अमृतसर के पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि किसी भी दुकान को जबरन बंद नहीं करवाया जा सकता है न ही किसी को तलवार भांजने की इजाजत होगी.
 
चप्पे-चप्पे पर लगाए CCTV कैमरे
पिछले दो साल से ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर श्री अकाल तख्त साहिब में होने वाले टकराव को रोकना इस बार एसजीपीसी व पंजाब सरकार के लिए गंभीर चुनौती है. अकाल तख्त साहिब परिसर के चप्पे-चप्पे में सीआइडी, आइबी व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं. वहीं गोल्डन प्लाजा व उसके आसपास के क्षेत्र में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचने वाले हर श्रद्धालु पर पैनी निगाह रखी जा रही है. 
 
सुरक्षा के कड़े प्रबंध
बरसी को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी गुरुनगरी में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं. सात जिलों के 7500 पुलिस कर्मियों व सीआरपीएफ व आरएएफ की चार कंपनियों (810 जवान) ने श्री हरमंदिर साहिब के आसपास के इलाकों में कमान संभाल ली है. सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट बीरेंद्र कुमार ने बताया कि मेरठ आरएएफ की कंपनियां गुरुनगरी में तैनात कर दी गई हैं. रविवार को श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास दिन में कई बार फ्लैग मार्च निकाला गया.
 
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