नई दिल्ली. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि शादी जन्मों-जन्मों का साथ नहीं है और तीन तलाक का नियम सही है. लगातार तीन तलाक पर हो रही बहस पर दिल्ली में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनी राय जाहिर की है. बोर्ड ने कहा है कि तीन तलाक सही है और इसमें किसी भी तरह का बदलाव सही नहीं होगा.
 
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ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक वरिष्ठ सदस्य ने शरई कानूनों खासकर मुस्लिम महिलाओं से जुड़े मसलों को लेकर देश में बढ़ती गफलत के लिए जानकारी और समुचित पालन के अभाव को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि मुल्क की ज्यादातर महिलाएं शरीयत से पूरी तरह संतुष्ट हैं और इसका समुचित पालन नहीं होने से समस्याएं पैदा हो रहीं हैं.
 
बोर्ड के सदस्य और लखनऊ के शहरकाजी मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस्लामी शरीयत ऐसी नहीं है जो वक्त और हालात के हिसाब से बदली जाए. मुसलमान इसका सही तरीके से पालन नहीं कर रहे हैं, इसलिये समस्याएं पैदा हो रही हैं. उन्होंने कहा कि शरीयत में किसी भी तरह की तब्दीली बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बोर्ड की महिला सदस्यों की जिम्मेदारी है कि इस्लामी शरीयत की सही बातें औरतों तक ले जाएं. 
 
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