नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से पांच देशों के दौरे पर हैं. प्रधानमंत्री की यह यात्रा अफगानिस्तान से शुरू होगी, इसके बाद मोदी कतर, स्विटजरलैंड, अमरीका और मैक्सिकों के दौरे पर जाएंगे. मोदी की इस यात्रा को न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप (एनएसजी) में मेंबरशिप पाने की दिशा में काफी अहम कहा जा रहा है.
 
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मोदी एनएसजी में भारत की सदस्यता के लिए स्विट्जरलैंड का सहयोग मांग सकते हैं, क्योंकि ये दोनों इस प्रतिष्ठित समूह के मुख्य सदस्य हैं. वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मोदी की बातचीत के दौरान भी यह मुद्दा उठ सकता है. बता दें कि एनएसजी में मेंबरशिप के लिए भारत ने 12 मई को ही आवेदन कर दिया था. 
 
अपनी विदेश यात्रा के पहले पड़ाव के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी अफगानिस्तान जाएंगे, जहां हेरात प्रांत में वह अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ अफगान-भारत मित्रता सेतु का भी उद्घाटन करेंगे.  दोनों नेता अफगानिस्तान में मौजूदा हालात सहित कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे. अफगानिस्तान से मोदी शनिवार को ही कतर रवाना हो जाएंगे. फिर वहां से रविवार को स्विट्जरलैंड जाएंगे. 
 
स्विट्जरलैंड के बाद प्रधानमंत्री 6 जून को वाशिंगटन जाएंगे. जहां वे अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे. ऐसा करने वाले वह पांचवें भारतीय प्रधानमंत्री होंगे. यहां वह छह जून को ‘अरलिंगटन नेशनल सिमिटरी’ में श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद वह कई अमेरिकी थिंकटैंक के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. वह प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम में भी शिकरत करेंगे. दौरे के आखिरी पड़ाव में पीएम मोदी 9 जून को मेक्सिको पहुंचेंगे.
 
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