नई दिल्ली. उत्तरप्रदेश में राज्यसभा जाने के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार कपिल सिब्बल की राह आसान नहीं है. राज्यसभा के लिए पर्चा दाखिल कर चुकी प्रीति महापात्रा उनकी राह में रोड़ा बन सकती है. महापात्रा को बीजेपी के कुछ विधायकों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन होने की बात सामने आ रही है. कांग्रेस ने सिब्बल को अपना उम्मीदवार बनाया है. 
 
कांग्रेस के पास यूपी में केवल 29 विधायक है. सिब्बल को राज्यसभा में पहुंचने के लिए उन्हें 34 विधायकों के समर्थन की जरुरत होगी. ऐसे में उन्हें जीत के लिए पांच और विधायकों का समर्थन चाहिए.  प्रीति के चुनाव मैदान में उतरने से सिब्बल को ये पांच वोट मिलते नहीं दिख रहे है. 
 
बता दें कि यूपी में राज्यसभा की 11 सीटों के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में हैं. समाजवादी पार्टी ने सात, बसपा ने दो, कांग्रेस और भाजपा ने एक-एक उम्मीदवार उतारा है. इनके साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 12 वीं उम्मीदवार हैं.
 
समाजवादी पार्टी की बात करें तो उसके पास विधानसभा में 229 विधायकों का वोट हैं, लेकिन उसे अपने सभी 7 उम्मीदवारों को जीताने के लिए 238 वोटों की जरूरत होगी. समाजवादी पार्टी पीस पार्टी के अनीसुर्रहमान और मलिक कमाल यूसुफ और कुछ अन्य नेताओं के वोट हासिल कर सकती है. इस हालात में उसके सभी सात उम्मीदवारों की जीत में निश्चित दिख रही है. 
 
बहुजन समाज पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. बसपा के पास अपने दोनों उम्मीदवारों को जीताने के लिए पर्याप्त संख्या 79 हैं. 
 
41 विधायकों वाली बीजेपी ने शिव प्रताप शुक्ला को अपना उम्मीदवार बनाया है. 34 वोटों के बाद भाजपा के पास बचते हैं बाकी के सात वोट. लेकिन भाजपा का कहना है कि वह अपने बचे वोट सपा, बसपा और कांग्रेस को नहीं देगी. इससे साफ है कि भाजपा के बाकी बचे वोट प्रीति के खाते में जाएंगे..