अहमदाबाद. 2002 के गोधरा कांड के बाद गुलबर्ग सोसाइटी में हुए दंगों के मामले में एसआईटी कोर्ट गुरुवार को अपना फैसला सुनाएगी. इस मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी सहित 69 लोग मारे गए थे.  39 लोगों के शव बरामद हुए थे और 30 लापता लोगों को सात साल बाद मृत मान लिया गया था.
 
’31 मई को फैसला सुनाने को कहा था’
विशेष अदालत के न्यायाधीश पी बी देसाई 22 सितंबर 2015 को ट्रायल संपन्न होने के आठ महीने से भी ज्यादा समय बाद ये फैसला सुनाएंगे. मामले की निगरानी कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी अदालत को निर्देश दिया था कि वह 31 मई तक अपना फैसला सुनाए.
 
जकिया जाफरी की लड़ाई
77 साल की जकिया जाफरी अपने शौहर और कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी को खोया था. 14 साल से बीमारी के बावजूद वो लगातार अलग-अलग एजेंसियों में न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं. एसआईटी से लेकर कोर्ट तक हर जगह उन्‍होंने लड़ाई लड़ी है. उसे उमीद है कि हत्याकांड करनेवालों को भुक्तभोगियों की आह लगेगी. उन्‍हें उमीद है कि हत्यारों को सजा जरूर मिलेगी.
 
66 आरोपियों को किया नामजद
इस मामले में एसआईटी ने 66 आरोपियों को नामजद किया था जिनमें से नौ आरोपी पिछले 14 साल से जेल में हैं जबकि बाकी आरोपी जमानत पर हैं. एक आरोपी बिपिन पटेल असरवा सीट से बीजेपी का निगम पाषर्द है. साल 2002 में दंगों के वक्त भी बिपिन पटेल निगम पाषर्द था. पिछले साल उसने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की.
 
2 आरोपियों की अर्जी खारिज कर दी थी
पिछले हफ्ते अदालत ने नारायण टांक और बाबू राठौड़ नाम के दो आरोपियों की ओर से दायर वह अर्जी खारिज कर दी थी जिसमें उन्होंने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए नार्को अनालिसिस और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की गुहार लगाई थी. अदालत ने कहा कि अब जब फैसला आने वाला है तो इसकी जरूरत नहीं है. गुलबर्ग सोसाइटी मामला 2002 के गुजरात दंगों के उन नौ मामलों में से एक है जिनकी जांच सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित एसआईटी कर रही है.
 
66 आरोपियों में से चार की मौत
इस मामले की सुनवाई 2009 में शुरू हुई. कुल 66 आरोपी हैं, जिनमें चार की मौत हो चुकी है. 9 अब भी जेल में हैं. कुल 338 लोगों की गवाही हुई है. गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले में 2010 में पूछताछ हुई थी. एसआईटी रिपोर्ट में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी. 15 सितंबर 2015 को सुनवाई खत्म हो गई थी और गुरुवार फैसले की बारी है. पीड़ित परिवार आरोपियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग कर रहा है.