चंडीगढ़. हरियाणा की खट्टर सरकार ने जाट आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा अफसरों की लापरवाही की जांच के संबंध में बनी प्रकाश सिंह कमिटी की जांच रिपोर्ट मंगलवार को सार्वजनिक कर दी है. रिपोर्ट में कई अहम खुलासे किए गए हैं.
 
रिपोर्ट में प्रकाश सिंह ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर कई कड़ी टिप्णियां की है. इनमें कुल 90 अफसरों को लापरवाह करार दिया गया है. रिपोर्ट में तत्कालीन डीजीपी यशपाल सिंघल के काम पर भी कई तरह के सवाल खड़े किए गए हैं. कहा गया है कि आंदोलन के वक्त डीजीपी हिंसा प्रभावित जिलों में नहीं गए थे. 
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि जाट आंदोलनों में भड़की हिंसा को काबू करने के लिए कई अफसरों ने अपनी भूमिका सही से नहीं निभाई थी. अफसरों ने अपने काम में लापरवाही बरती थी. इनमें आईजी से लेकर सब इंस्पेक्टर और डीसी से लेकर तहसीलदार तक के अफसर शामिल है. झज्जर की डीसी अनिता यादव को गैर जिम्मेदाराना अफसर बताया गया है.
 
रिपोर्ट में कई अफसरों की तारीफ भी की गई है और सरकार से उन्हें सम्मानित करने की सिफारिश की गई है. जिन अधिकारियों को सरकार सम्मानित करेगी उनमे जींद के तत्कालीन उपायुक्त विनय सिंह, नरवाना के तत्काली एसपी वसीम अकरम और गन्नौर की तत्कालीन एसडीएम संगीता तेतरवाल शामिल हैं. 
 
बता दें कि प्रकाश कमेटी की यह रिपोर्ट मुख्य सचिव की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है.