नई दिल्ली. आर्ट ऑफ लिविंग को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से बड़ा झटका लगा है. एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग का 4.75 करोड़ रूपए की बैंक गारंटी का प्रस्ताव खारिज कर दिया है और कहा है कि यह रकम 1 हफ्ते के अंदर ही जमा करें.
 
श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से बकाया जुर्माना राशि न देकर उसकी जगह में 4 करोड़ 75 लाख रुपये की बैंक गारंटी का प्रस्ताव मंगलवार को एनजीटी के सामने रखा गया था. संस्था ने इस प्रस्ताव पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे खारिज कर दिया. इसके अलावा संस्था पर तीन दिन के अल्टीमेटम के बाद भी बकाया जुर्माना राशि न जमाने के कारण 5 हजार का जुर्माना भी लगा दिया गया है.
 
एनजीटी के इस फैसले के बाद रविशंकर ने ट्वीट कर कहा है कि उनके कार्यक्रम से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, तो वह क्यों जुर्माना दें. उन्होंने कहा कि वह आखिरी तक न्याय के लिए लड़ेंगे.
 

बता दें कि वर्ल्‍ड कल्‍चरल सेंटर कार्यक्रम को लेकर एनजीटी में याचिका दायर की गई थी. जिसमें कहा गया था कि श्री श्री रविशंकर की संस्था के इस प्रोग्राम के लिए बड़े पैमाने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान नियमों की अनदेखी करने पर एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग संस्‍था पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. जिसमें से 25 लाख रुपये संस्‍था ने जमा करा दिए थे. एनजीटी ने संस्‍था को कार्यक्रम की अनुमति इस आधार पर दी थी कि वह बाकी की रकम कार्यक्रम खत्‍म होने के बाद जमा करा देंगे.