नई दिल्ली. ऑल इंडिया कॉउंसिल फ़ॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा हम निर्दयी बन सकते है. ये टिप्पणी कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के ए पी जे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी की याचिका पर सुनवाई के दौरान कही.
 
कोर्ट ने तल्ख़ टिप्पणी करते हुए कहा उत्तर प्रदेश राज्य में ऐसा कोई भी कॉलेज नहीं है जहां 612 तकनीकी महाविधालयों के छात्रों को दाखिला दिया जा सकता है. कोर्ट ने ऑल इंडिया कॉउंसिल फ़ॉर टेक्निकल एजुकेशन को फटकार लगाते हुए कहा देखो तुमने ये क्या किया छात्रों के साथ. देखो तुमने कॉलेज के साथ क्या किया? हमें हलके में न लो. जहां तक कानून का मामला है हम अंतिम अथॉरिटी है.
 
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑल इंडिया कॉउंसिल फ़ॉर टेक्निकल एजुकेशन कोर्ट के साथ लुका छिपी का खेल खेल रहा है. ऐसा नहीं है ये पहली बार हो रहा है हर साल यही होता है. ऐसा लग रहा है हम यहां किसी भी काम के बिना बैठे है.
 
कोर्ट ने चेतावनी देते हर कहा ऑल इंडिया कॉउंसिल फ़ॉर टेक्निकल एजुकेशन के इस मामले संबधित अधिकारियों के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई करेंगे. उतना ही नहीं उनके ख़िलाफ़ कोर्ट की अवमानना का मुकदमा भी चलाएंगे. उनके लिए सीख जरूरी है. उनकी हिम्मत कैसे हुई वो कि वो डेड लाइन को बदल सकें.
 
सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया कॉउंसिल फ़ॉर टेक्निकल एजुकेशन कोर्ट को एक हफ्ते में जवाब देने को कहा. कोर्ट ने ये भी साफ़ कर दिया कि जवाब के बाद हम तय करेंगे आप पर कितना जुर्माना लगाया जाये. सुप्रीम कोर्ट ने संबंधन ( affiliation) की आखिरी  तारीख को 15 मई से बढ़ाकर 10 जून कर दिया और कहा ये केवल इसी केस में होगा. अन्य किसी केस में इसकी नाजिर नहीं पेश की जा सकती.
 
दरअसल उत्तर प्रदेश के ए पी जे अब्दुल कलाम टेक्निअल यूनिवर्सिटी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मान्यता की तारीख को बढ़ाने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट के 2012 के आदेश के मुताबिक ऑल इंडिया कॉउंसिल फ़ॉर टेक्निकल एजुकेशन को उत्तर प्रदेश के ए पी जे अब्दुल कलाम टेक्निअल यूनिवेर्सिटी को कॉलेज से सम्बंधित संबंधन ( affiliation) 10 अप्रैल तक देनी थीं. लेकिन ये 9 मई को दी गई. जबकि कोर्ट ने आदेश के मुताबिक आखिरी तारीख 15 मई होनी थी ऐसे में उत्तर प्रदेश के ए पी जे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवेर्सिटी की तरफ से दलील दी गई कि ये संभव ही नहीं हो पायेगा.