नई दिल्ली. एआईएमआईएम चीफ असदउद्दीन ओवैसी किसी भी सूरत में नरेंद्र मोदी सरकार की पहल पर गुजरात में खुलने जा रहे देश के पहले इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक का स्वागत किया है और कहा है कि इससे मुसलमानों को तो फायदा होगा, साथ ही लोगों को खराब कर्ज प्रक्रिया से भी मुक्ति मिलेगी.
 
अरब देशों का प्रमुख बैंक इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक भारत में अपनी पहली शाखा गुजरात में खोल रहा है. यह बैंक शरीयत कानून के मुताबिक काम करता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे के दौरान भारत की एग्जिम बैंक ने इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक के साथ समझौता किया था.
 

समझौते के तहत भारत इस बैंक को 100 मिलियन डॉलर की मदद देगा जिसका इस्तेमाल बैंक अपने सदस्य देशों में भारत से एक्सपोर्ट बढ़ाने में करेगा. वहीं बैंक ने भारत में मेडिकल सुविधा पर 55 मिलियन डॉलर खर्च करने का करार किया है.
 
बैंक भारत को 350 मोबाइल क्लिनिक देगा जिनमें से पहली खेप में 30 मोबाइल क्लिनिक वैन गुजरात को मिलेंगे. इस बैंक के 56 इस्लामिक देश सदस्य हैं. भारत में बैंक की पहली शाखा गुजरात में खुल रही है.
 
इसी बात पर खुशी जाहिर करते हुए ओवैसी ने ट्वीट किया है कि ये अच्छा कदम है और इससे सिर्फ मुसलमानों को फायदा नहीं होगा बल्कि इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को ताकत मिलेगी और लोगों को गंदे कर्ज के जंजाल से भी मुक्ति मिलेगी.