नई दिल्ली. आगरा में समाजवादी पार्टी के नेता के बॉडीगार्ड पर दो बहनों से छेड़खानी का आरोप लगा है. गुस्से में दोनों बहनों ने नेता की मर्सिडीज की कार तोड़ दी है. नेता अभिनव शर्मा से पार्टी ने पल्ला झाड़ लिया है लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या झंडा लगाने से गुंडागर्दी का लाइसेंस मिल गया? मर्सिडीज के शीशे को तोड़ रहीं ये हैं साध्वी पांडे. 

आगरा में साध्वी पांडे को गुस्सा क्यों आया ये जानने से पहले जान लीजिए कि बोनट पर बैठकर साध्वी मर्सिडीज का शीशा किस चीज से तोड़ रही हैं. इस मर्सिडीज कार पर समाजवादी पार्टी का झंडा लगा था और उसी झंडे में लगी छड़ को निकालकर कार का शीशा तोड़ा गया. जाहिर है कार समाजवादी पार्टी के नेता की रही होगी. अब ये भी जान लीजिए कि आगरा से विधानसभा चुनाव लड़ चुके अभिनव शर्मा तब इस कार में मौजूद थे लेकिन हंगामा सुलझाने के लिए कार से बाहर भी निकलने की जहमत नहीं उठाई. 
 
क्यों फूटा साध्वी का गुस्सा ?
समाजवादी पार्टी के नेता अभिनव शर्मा की कार के आगे उनके तीन गार्ड के साथ फॉर्चूयनर कार भी चल रही थी. आरोप है कि शाहदरा चुंगी इलाके में बॉडीगार्ड विजय ने एक्टिवा से जा रही महिला साध्वी पांडे और उनकी बहन ज्योति को आंख मारी तो वो आग बबूला हो उठीं. दोनों बहनों ने फॉर्च्यूनर से पीछे चल रही मर्सिडीज के सामने स्कूटी रोकी और मोबाइल से कार की फोटो खींचनी शुरू कर दी. बहनों का आरोप है कि इसके बाद गार्ड ने उतरकर उनका फोन तोड़ा. और फिर साध्वी पांडे मर्सिडीज कार के बोनट पर खड़ी हो गई और मोबाइल का हर्जाना मांगने लगी.
 
भीड़ जुटी तो पुलिसवाले भी आ गए लेकिन वो भी मूक दर्शक भी बने रहे और नेताजी को बचाकर ले जाने में जुटे रहे. मर्सिडीज में बैठे अभिनव शर्मा का आरोप है कि स्कूटी रोकने के बाद उन्हीं के साथ बदसलूकी की गई.
IANS से भी इनपुट