कोलकाता. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस आलाकमान काफी सकते में है. पार्टी आलाकमान ने उत्तराखंड की घटना से सबक लेते हुए जीते हुए विधायकों को जोड़-तोड़ को बचाने के लिए एक अनोखी पहल शुरु की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने विधायकों को पार्टी के प्रति वफादारी साबित करने वाला बॉन्ड साइन करने का आदेश दिया है. 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर इस शपथ पत्र में विधायकों से लिखित में कसम ली गई है कि वो हमेशा पार्टी और गांधी परिवार के वफादार रहेंगे. 
 
बैठक में हुआ फैसला
इस बारे में पूछने पर अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि विधायकों से इस शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराने का फैसला पार्टी के सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद लिया गया है. चौधरी ने कहा, ये बॉन्ड विधायकों से जबरदस्ती से नहीं भरवाया गया है, सभी विधायकों ने अपनी मर्जी से हस्ताक्षर किए हैं. साथ ही बॉन्ड का उल्लंघन करने पर किसी पर कार्यवाही नहीं होगी.
 
 
शपथ पत्र की मुख्य बातें-
  • मैं, गांधी परिवार के प्रति वफादारी की कसम खाता हूं. 
  • मैं, एक विधायक के रुप में किसी भी पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं रहूंगा. 
  • मैं, पार्टी के सभी फैसलों या नीतियों से असहमत होने पर भी पार्टी के खिलाफ कोई भी बयान नहीं दूंगा. 
  • मैं, पार्टी विरोधी बयान देने से पहले विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा.
 
उत्तराखंड से लिया सबक
कहते है कि दूध का जला छाछ को भी फूंक-फूंक कर पीता है. ये कहावत पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पर पूरी तरह से लागू होती है. उत्तराखंड में पार्टी विधायकों की बगावत से सबक लेते हुए कांग्रेस ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को ‘वफादारी बॉन्ड’ भरने का फरमान सुनाया है.