उदयपुर. राजस्थान का एक शिव मंदिर ऐसा है जो वहां के कुंड में नहाने वालों को मात्र 11 रुपए में पाप मुक्ति और दोष निवारण सर्टिफिकेट देता है. 1 रुपए में पाप मुक्ति और 10 रुपए में दोष निवारण. हालांकि यह मान्यता आपको सिर्फ मनोवैज्ञानिक रूप से एक दिलासा भर दिला सकती है, इसमें कुछ भी ठोस नहीं है. 
 
आजादी के समय से हो रहा है ऐसा
मंदिर का दावा है कि यहां आजादी के समय से लेकर अब तक उन लोगों का रेकॉर्ड मेनटेन किया गया है जिन्होंने मंदिर के पवित्र मंदाकिनी कुंड में स्नान किया है और जिन्हें पाप-मुक्ति का सर्टिफिकेट दिया गया है. यहां पुजारियों की एक संस्था है जो एक रुपये में पाप-मुक्ति का सर्टिफिकेट देती है, वहीं 10 रुपये ‘दोष-निवारण’ के लिए जाते हैं.
 
‘सर्टिफिकेट के बाद गांव चले जाते हैंं लोग’
पुजारी नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि जिन लोगों को किन्हीं वजहों से को गांव से निकाल दिया जाता है, वे यहां आते हैं. मंदाकिनी कुंड में डुबकी लगाने और पाप-मुक्ति का सर्टिफिकेट लेने के बाद वे वापस अपने गांव चले जाते हैं. यह तीर्थस्थान सैकड़ों वर्षों से मशहूर रहा है और इसे ‘आदिवासियों का हरिद्वार’ कहा जाता है. 
 
क्या है मान्यता?
प्रचलित मान्यताओं के मुताबिक गौतम ऋषि के श्राप के कारण एक जानवर की मौत हो गई थी. इसलिए उन्होंने अपनी सजा के तौर पर मंदाकिनी कुंड में स्नान किया और पाप-मुक्त हुए. तब से ही यहां नहाकर प्रायश्चित करने की परंपरा शुरू हो गई.