लखनऊ. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. यह एफआईआर दल के ट्रैनिंग कैंप को लेकर की गई है. धारा 153 ए के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है.
 
बता दें कि अयोध्या के कारसेवकपुरम में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक विशेष ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया था. इसमें लोगों को हथियारों के साथ ट्रेनिंग दी जा रही थी. इस प्रशिक्षण में नकली आतंकवादियों को टोपी पहने दिखाया गया था, जिनसे लड़ने की ट्रेनिंग इस कैंप में दी जा रही थी. दल हिन्दुओं की रक्षा करने के नाम पर हथियारों की ट्रेनिंग दे रहा था.
 
बजरंग दल के इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल लोगों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज किया गया है.
 
इस मामले में समाजवादी पार्टी के नेता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि आरएसएस का बुनियादी चरित्र सांप्रदायिकता और आतंक फैलाना है. और इनकी शुरू से ही समाज में नफरत फैलाकर एक किसी विशेष वर्ग को राजनीतिक ताकत देने की योजना रही है. उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में चार वर्षों से समाजवादी पार्टी की सरकार है और सरकार ने केवल विकास का कार्य किया है. जितना काम अखिलेश की सरकार ने किया है और कोई राज्य की सरकार ऐसा काम नहीं कर सकती है.’