देहरादून. चकराता क्षेत्र के सिलगुर देवता के मंदिर में शुद्धिकरण पूजा की तैयारियां चल रही हैं. मंदिर के पुजारी मंदिर के शुद्धीकरण के लिए 9 दिनों की विशेष पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं. मंदिर के पुजारी का कहना है कि दलितों के प्रवेश से, मंदिर का वातावरण अपवित्र हो गया है, जिसका शुद्धिकरण अति आवश्यक है. अत: मंदिर के शुद्धिकरण के लिए 9 दिनों तक लगातार मंदिर में यज्ञ किया जाएगा और विशेष पूजा की जाएंगी.
 
बता दें कि 20 मई को दलितों को सिलगुर देवता के मंदिर प्रवेश कराने पर स्थानीय लोगों ने बीजेपी के सांसद तरुण विजय पर हमला कर दिया था. इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं थीं. दरअसल 20 मई को परिवर्तन यात्रा का आयोजन किया गया था. यह यात्रा विकास नगर से शुरू होकर पोखरी तक पहुंची. पोखरी गांव में ही ‘सिलगुर महाराज’ का मंदिर है जो वहां के स्थानीय देवता हैं. सिलगुर महाराज का भव्य मंदिर बनाया गया है लेकिन यहां दलितों को घुसने पर पाबंदी है.
 
ये परंपरा पिछले चार दशकों से चली आ रही है. इस क्षेत्र में ना सिर्फ सिलगुर देवता मंदिर बल्कि कई ऐसे मंदिर हैं जहां पर दलितों का जाना मना है. बीजेपी से राज्यसभा सांसद तरुण विजय दलितों के सामाजिक और धार्मिक हक के लिए 20 मई को परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की थी. लेकिन लोगों को ये बात रास नहीं आई और तरुण विजय समेत कई लोगों को सीधे अस्पताल पहुंचा दिया गया. मामले में फिलहाल पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार गया किया है. उत्तराखंड सरकार ने घटना में प्रशासनिक चूक की बात कही और जांच की जिम्मेदारी CBCID को सौंप दी गई है.