देहरादून. देर रात उत्तराखंड़ के चकराता के पास चट्टान गिरने से महिलाएं, बच्चे समेत 10 लोगो की मौत है गई. वहीं छह घायलों को बहार निकाल कर अस्तपताल भेजा गया. ये सभी प्रधानमंत्री‎ ग्रामीण‎ सड़क योजना के तहत हनोल से चात्रा तक सड़क बनाने में लगे मजदूरों तूफान से बचने के लिए चट्टान के नीचे खड़े थे. डेरे में 16 लोग थे. लगभग आधा दर्जन से ज्यादा घरों की छतें उड़ गईं. 
 
यह हादसा चातरा गांव के त्यूणी क्षेत्र के हनोल मार्ग की है. दरअसल हनोल मार्ग पर सड़क निर्माण में कार्य चल रहा था. तभी जोरदार तूफान आया और उससे बचने के लिए मजदूर चट्टान की आड़ का सहारा लिया. तूफान की वजह से चट्टान खिसक गई और उसके नीचे खड़े 10 लोग दब गए. 
 
प्रशासन और राजस्व पुलिस के साथ स्थानीय लोग राहत में जुटे हैं. राहत बचाव कार्य के लिए चकराता, विकासनगर, पुरोला के एसडीएम सहित तमाम प्रशासनिक अमला घटनास्थल के लिए रवाना हो गया. स्थानीय लोगों व राजस्व कृमियो की मदद से जेसीबी द्वारा राहत बचाव कार्य जारी है. राहत दल ने चट्टान के नीचे से अभी तक तीन शव निकाल लिए है.
 
घायलों में एक की हालत गंभीर हैं जिनको देहरादून मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहीं जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये आपदा सहायता मद से देने की जानकारी दी.