उज्जैन. सिंहस्थ कुंभ का तीसरा और अंतिम शाही स्नान शुरू हो चुका है. उज्जैन के क्षिप्रा नदी के घाट और रामघाट पर  नागा साधुओं ने शनिवार तडक़े सुबह 3 बजे सिंहस्थ का आखिरी शाही स्नान किया. सिंहस्थ महापर्व का आज समापन हो जाएगा. अब अब 12 साल बाद अगला सिंहस्थ 2028 में होगा. पहली बार शैव और वैष्णव अखाड़े एक ही समय पर स्नान आरंभ किया है. सिंहस्थ के स्नान के दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. वहीं तीसरे शाही स्नान को मद्देनजर रखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है. 
 
करीब 20 लाख श्रद्धालु उमड़े
तीसरे शाही स्नान को लेकर लोगों में आस्था अपने चरम पर है. स्नान पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. लाखों लोग कुंभनगरी पहुंच गए हैं. प्रशासन की मानें तो करीब 20 लाख लोग आखिरी स्नान में श्रद्धा की डुबकी लगाने पहुंचे हैं. 
 
रात से श्रद्धालुओं का जमावड़ा
शिप्रा के अन्य घाट जैसे मंगलनाथ, नृसिंह घाट, भूखीमाता घाट, गऊघाट, सुनहरी घाट आदि पर श्रद्धालु रात से ही जमे हुए हैं. इसके अलावा रात 12 बजते ही कुछ आस्थावानों ने डुबकी लगाई. बाद में महाकाल के जयघोष के बीच यहां सुबह स्नान शुरू हो गया. दत्त अखाड़ा घाट पर सुबह 7 बजे और रामघाट पर सुबह 11 बजे आम श्रद्धालुओं का स्नान शुरू हुआ.
 
मीटिंग में लिया गया फैसला
इससे पहले अखाड़ा परिषद की प्रशासन के साथ अमृत स्नान को लेकर गुरुवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय में बैठक हुई. जिसमें ये तय किया गया कि शैव अखाड़ों का स्नान सुबह 3 बजे से शुरू कर दिया जाए, जिससे कारण आम श्रद्धालु भी जल्द स्नान का लाभ ले सकें. साधु-संतों ने 30 मई तक अखाड़ों को मेला क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने का अनुरोध भी किया है.