कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में भले ही पूर्ण बहुमत हासिल किया हो लेकिन कुछ ऐसे बड़े नेता भी हैं जिन्हें विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है. जेल जा चुके पूर्व मंत्री मदन मित्रा, इंडियन सोसर आइकन भाईचुंग भुटिया और सीपीआई के स्टेट सेक्रेटरी सूरजया कांता मिश्रा को हार देखनी पड़ी है. 
 
वहीं बंगाल के खाद्य मंत्री कृष्णनेंदु नारायण चौधरी अपनी सीट इंग्लिश बाजार से हारे उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार निहार रंजन घोष ने 39727 वोटों के अंतराल से हराया है. राज्य की स्वास्थ्य मंत्री चंद्रीमा भट्टाचार्य को भी अपनी सीट नार्थ दम दम में हार का मुंह देखना पड़ा है.
 
जादवपुर से ऊर्जा मंत्री मनीष गुप्ता को सीपीआई के सुजान चक्रोबोरती ने 14942 वोटों के अंतराल से हराया. मंत्री सावित्री मित्रा को कांग्रेस के मोहम्मद मौताकिन आलम ने 12603 वोटों के अंतराल से हराया. इस बीच राज्य की पीडब्लयू मंत्री शंकर चक्राबोर्टी को भी हार का मुंह देखना पड़ा है जिसमें उनकी हार महज 1450 वोटों के अंतराल से हुई है.