नई दिल्ली. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव ने सारे दलों को थोड़ा हंसने और थोड़ा रोने का मौका दिया है. राज्यों में बन रही सरकारों के हिसाब से देखें तो पांच राज्यों में बीजेपी, कांग्रेस, लेफ्ट, टीएमसी और एआईएडीएमके एक-एक जगह सरकार बना रही है.
 
सबसे बड़ा उलट-फेर तमिलनाडु में हुआ है जहां हर अगला चुनाव हारने की लंबे समय से चली आ रही चुनावी रस्म टूट गई है और जयललिता लगातार दूसरी बार राज्य की सीएम बनने जा रही हैं. जयललिता की यह पांचवीं पारी है. करुणानिधि भी पांच बार ही सीएम रहे हैं. जययलिता 2011 की 150 सीटों से थोड़ी कम 138 पर आती दिख रही हैं लेकिन बहुमत उनके पास है.
 
असम में BJP की सरकार बनी
असम में जैसा हल्ला था वैसा ही हुआ है और बीजेपी की सरकार सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में बनने जा रही है. 15 साल राज करने के बाद तरुण गोगोई और कांग्रेस सत्ता से बाहर गए हैं. असम में कांग्रेस से टूटकर बीजेपी के साथ आए हिमंत विश्व सरमा ने बीजेपी के पक्ष में बढ़िया समर्थन जुटा दिया. हिमंत खुद 1 लाख से ज्यादा वोट लाकर बड़े मार्जिन से जीते हैं जबकि सोनोवाल मामूली अंतर से जीत पाए हैं.
 
बंगाल में दीदी रिटर्न्स
बंगाल में भी सब यही कह रहे थे कि ममता बनर्जी को हराना आसान नहीं है और ममता ने ऐसा कहने वालों को निराशा नहीं किया. ममता की पार्टी 2011 में मिली 184 सीटों से भी ज्यादा कुल 211 सीटों पर जीती है या आगे चल रही हैं. सीपीएम की हालत और बुरी हुई है और वो 40 सीटों से घटकर 26 पर जाती दिख रही है. कांग्रेस भी 2 सीट बढ़ाकर 44 सीटों पर जाती दिख रही है.
 
लेफ्ट ने जीता केरल
केरल में सरकार बदलने की रवायत कायम रही है और इस बार बारी लेफ्ट फ्रंट की थी. नतीजे उसके पक्ष में गए हैं और एक और राज्य में कांग्रेस सरकार विदा हो गई है. सरकारों की गिनती के लिहाज से कांग्रेस को असम और केरल में हुए 2 राज्यों के नुकसान की थोड़ी-बहुत भरपाई 30 सीटों वाले पुडुचेरी विधानसभा में हो रही है जहां 15 विधायकों के साथ वो सरकार बनाने जा रही है.