उज्जैन. मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष अमित शाह सिंहस्थ कुंभ नहाने क्षिप्रा नदी के बाल्मीकि घाट पहुंच गए हैं. अमित शाह की सुरक्षा के चलते आम लोगों का स्नान घाट पर नहीं होगा. बीजेपी के इस समागम के मंच पर महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी, सत्यमित्रनंद, नरेंद्र गिरी, हरि गिरी, बाल्मीकि धाम के उमेश नाथ सहित अनेक अखाड़ों के संत आदि मौजूद हैं.
 
क्या कहा अमित शाह ने?
शाह ने कुंभ कहा कि कुंभ का निमंत्रण किसी को नहीं दिया जाता. कुंभ में ईश्वर व्यवस्था करता है. उन्होंने पीएम मोदी की ओर से संतों को प्रणाम किया. इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म और देश की संस्कृति का भी उल्लेख किया है. शाह ने कहा कि यहां सन्ना के साथ उनके चार कुंभ पूर्ण हो गए. इसके बाद शाह ने क्षिप्रा नदी में स्नान किया. वाल्मीकि घाट संत समागम कार्यक्रम में शाह ने संतों का सम्मान किया. इस दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी महासचिव भी उनके साथ मौजूद रहे.
 
समरसता कार्यक्रम पर संतों ने किया  था विरोध
बता दें कि बीजेपी ने दलित संतों के साथ स्नान और सहभोज के सामाजिक समरसता कार्यक्रम का ऐलान किया था, जिसका विभिन्न संतों ने विरेाध किया था. उनका आरोप था कि इस आयोजन के जरिए साधु-संतों को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश की गई है. यही कारण है कि अंतिम समय में बीजेपी ने कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया. कार्यक्रम बाल्मीकि धाम में हो रहा है. 
 
संतों की नहीं होती कोई जाति
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने कहा कि पहले उन्होंने विरोध किया था क्योंकि संतों की कोई जाति नहीं होती है, लेकिन तब इस आयोजन को दलित संतों का आयोजन बनाया गया था, अब ऐसा नहीं है इसीलिए सभी संत एक मंच पर आए हैं. सभी संत बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ क्षिप्रा नदी के बाल्मीकि घाट पर स्नान करेंगे. 
 
शाह का कार्यक्रम
बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी डा. हितेष वाजपेयी ने बताया कि बीजेपी की ओर से कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह बाल्मीकि धाम में साधु-संतों का सम्मान करेंगे. उसके बाद बाल्मीकि घाट पर संतों संग स्नान करेंगे. इसके साथ ही उनका सहभोज का कार्यक्रम भी है और शाम को महाकालेश्वर के दर्शन करेंगे.
 
CM शिवराज ने किया स्वागत
शाह सुबह 9.30 बजे नियमित उड़ान से देवी अहिल्याबाई होल्कर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे (इंदौर) पहुंचे, जहां राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के अलावा अन्य नेताओं ने उनकी अगवानी की. वह यहां से उज्जैन के लिए रवाना हो गए.