नई दिल्ली. उत्तराखंड में सुप्रीम कोर्ट के दिए गए फ्लोर टेस्ट पर केंद्र ने सहमति जताई है. अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि केंद्र कोर्ट के सुझाव से सहमत है और राज्य में फ्लोर टेस्ट कराने को तैयार है.
 
केंद्र ने कोर्ट में कहा है कि इसके लिए एक ऑब्जर्वर नियुक्त हो इनमें चीफ रिटायर्ड इलेक्शन कमिशनर या कोई रिटायर्ड जज की निगरानी में होना चाहिए. उन्होंने कहा कि फ्लोर टेस्ट कराए जाने के मामले में एक दो-दिनों के अंतर और तरीकों पर फैसला कर लिया जाएगा.
 
सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर कहा कि हम ये साफ कर देना चाहते हैं कि रेस्पांडेंट नबर 1 (हरीश रावत ) को ही बहुमत साबित करने का पहला मौका मिलेगा. और यह पहले भी कहा जा चुका है.
 
बागी विधायक नहीं कर पाएंगे वोटिंग
सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों की वोटिंग पर सुनवाई की और कहा कि कहा आज की तारीख में 9 बागी विधायक वोट नहीं कर सकते. साथ हीन कोर्ट ने बागी विधायकों की मांग को भी ठुकरा दिया जिसमें उनकी वोटिंग को सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट मे सौंपी जाए.
 
इससे पहले मामले पर 3 मई को हुई सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहातगी ने कोर्ट में कहा था कि फ्लोर टेस्ट पर गंभीर विचार किया जा रहा है और जल्द ही इस पर जवाब दिया जाएगा.
 
उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. बता दें कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति शासन को हटाने के आदेश दिए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है.