कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के छठें और आखिरी चरण में शामिल 25 सीटों पर मतदान जारी है. पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के बीच 6744 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक 58 लाख से ज्यादा मतदाता कुल 170 प्रत्याशियों में से पसंदीदा का चुनाव करेंगे. चुनाव आयोग के सामने सुबह 8:30 बजे तक 250 से अधिक शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं. इनमें से सबसे अधिक शिकायतें ईस्ट मेदिनीपुर में की गई हैं. इस चरण में 2 जिलों की 25 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है.
 
कई दिग्गजों की भी किस्मत दांव पर
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुतााबिक कुल मतदाताओं में 27.8 लाख महिलाएं हैं. जिसमें से 68 मतदाता थर्ड जेंडर से ताल्लुक रखते हैं. तृणमूल कांग्रेस ने सांसद सुवेंदू अधिकारी को नंदीग्राम से उतारा है. वहीं राज्य पर्यावरण मंत्री सुदर्शन घोष दास्तीकार माहिसादल सीट बचाने की कोशिश में है. तृणमूल उम्मीदवार हितेन वर्मन दोबारा सीतलकूची सीट से भाग्य आजमा रहे हैं.
 
19 मई को होगी मतगणना
अंतिम चरण के इस चुनाव में कूचबिहार जिले के मशालडांगा छीटमहल के 9716 मतदाता पहली बार मतदान कर रहे हैं. अंतिम चरण में 18 महिला उम्मीदवारों सहित 170 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं. दो  जिलों में 58 लाख चार हजार 19 मतदाताओं के लिए 6774 मतदान  केंद्र बनाये गये हैं. बता दें कि अब तक पांच चरणों में  294 सदस्यीय विधानसभा की 269 सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है. गुरुवार को 25 सीटों पर मतदान के बाद राज्य में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी. 19 मई को मतगणना होगी.
 
आजादी के बाद पहली बार वोट डालेंगे कूच बिहार के लोग
आजादी के बाद, यह पहली बार है, जब कूच बिहार जिले में सीमावर्ती बस्तियों के निवासी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. ऐसा पिछले साल इन बस्तियों के भारतीय क्षेत्र में विलय के बाद संभव हो पा रहा है. इन बस्तियों में 9776 मतदाता हैं, जिनके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं और जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए हैं.
 
चुनावी हिंसा पर आयोग की कड़ी नजर
चुनाव आयोग ने मतदान के दौरान हिंसा और धांधली पर नियंत्रण को लेकर विशेष सतर्कता का निर्देश दिया है. पक्षपात के मद्देनजर आइपीएस अधिकारी भारती घोष को कोलकाता छोड़ कर जाने पर रोक लगा दी गई है. अभी तक मतदान और मतदान के बाद की हिंसा में 11 लोगों की जान जा चुकी है, हालांकि शुरुआती तीन चरणों के मतदान के बाद संपन्न हुए दो चरणों के मतदान के दौरान चुनाव आयोग की सख्ती के कारण मतदाताओं ने खुल कर मतदान किया है.