जयपुर. नाबालिग से रेप करने के आरोप में ढाई साल से राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद आसाराम के लिए अब एक कदम भी चलना मुश्किल हो गया है. आसाराम को व्हीलचेयर में बैठा कर अदालत में पेश किया गया. वह बड़ी ही मुश्किल से पुलिस की गाड़ी से उतर कर व्हील चेयर पर बैठ सके. उन्होंने अपनी तबीयत के बारे में किसी से भी कोई बात नहीं की.
 
कुछ दिनों पहले आसाराम ने पैरों में दर्द की शिकायत की थी. जिसके बाद जेल प्रशासन ने डॉक्टरों को बुलवा कर उनका चेकअप कराया. डॉक्टर्स ने आसाराम को सायटिका की समस्या बताते हुए पांच दिन आराम करने की सलाह दी थी. इसके बाद उन्हें सोमवार को पहली बार व्हील चेयर पर बैठाकर कोर्ट में पेश किया गया.
 
आसाराम इससे पहले भी कई बार अपनी बीमारी का तर्क देकर जमानत हासिल करने का प्रयास कर चुके हैं. उच्चतम न्यायालय के आदेश पर उनकी दिल्ली स्थित एम्स में मेडिकल बोर्ड की तरफ से सम्पूर्ण जांच की गई. इस जांच में आसाराम को पूर्णतया स्वस्थ करार दिया गया. साथ ही कहा गया कि छोटी-छोटी कुछ बीमारियों का इलाज जोधपुर जेल में हो सकता है.
 
बता दें कि आसाराम के गुरुकुल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने आरोप लगाया कि पंद्रह अगस्त 2013 को आसाराम ने जोधपुर के निकट मणाई गांव में स्थित एक फार्म हाउस में उसका यौन उत्पीड़न किया था. जिसके बाद 31 अगस्त 2013 को जोधपुर पुलिस ने इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार कर जोधपुर ले आई. उसके बाद से आसाराम लगातार जोधपुर जेल में ही बंद हैं.