देहरादून. उत्तराखंड में चल रहे वाद विवादों में नया मोड़ सामने आया है. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने माना है कि स्टिंग वाली सीटी में वे मौजूद थे. उन्होंने कहा कि पत्रकार से मिलना कोई अपराध नहीं है. बता दें कि इससे पहले इस सीडी को रावत फर्जी बता रहे थे.
 
हरीश रावत ने कहा कि’क्या किसी पत्रकार से मिलना कोई अपराध है? तब तक तकनीकी रूप से अयोग्य घोषित नहीं हुए विधायकों में से किसी ने भी मुझसे बातचीत की तो इससे क्या फर्क पडता है? राजनीति में क्या किसी चैनल को हम बंद कर सकते हैं.
 
इस बीच रावत ने यह भी कहा कि सीडी में असतुष्ट विधायकों का समर्थन लेने के बदले में उन्हें नकद या किसी और प्रकार की पेशकश कुछ ऐसा मिले जो मुझे गलत साबित कर दे मुझे जनता के सामने फांसी पर लटकने को तैयार हूं.
 
उन्होंने कहा  कि अगर मेरे खिलाफ ऐसा कोई प्रमाण मिलता है कि कि मैंने किसी को धन या किसी और चीज की पेशकश की तो मुझे घंटाघर पर लटका दीजिए.  घंटाघर चौक देहरादून के बिल्कुल बीचों-बीच स्थित है.
 
बता दें कि उत्तराखंड में राजनीतिक विवाद के चलते राष्ट्रपति शासन लागू हो रखा है. इससे पहले उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति शासन को हटाने के आदेश दिए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है.