नई दिल्ली. केजरीवाल सरकार ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए बिल तैयार कर लिया है. ये जानकारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके बताई. केजरीवाल ने ट्वीट में बताया कि  दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए बिल तैयार कर लिया गया है. ये बिल जनता की राय और जानकारी के लिए जल्द ही वेबसाइट पर डाली जाएगी, जिसके बाद अगले विधानसभा सत्र में विधेयक को सदन के पटल पर रखा जाएगा.
 
चुनावी वादा था पूर्ण राज्य का दर्जा
पूर्ण राज्य का दर्जा ‘आप’ सरकार के चुनावी वादों में से एक है. केजरीवाल दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के पक्ष में हैं. उनका दावा है कि इससे उन्हें शहर में अपनी योजनाएं लागू करने में मदद मिलेगी. आप ने इसे अपने चुनावी घोषणापत्र में प्रमुखता से शामिल किया था. 
 
केंद्र से फिर भिड़ने की तैयारी
बता दें कि अपनी पहली सरकार के दौरान ही केजरीवाल ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का वादा किया था. दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्ज देने के बिल को केंद्र पर दबाव बनाने की कोशिश भी माना जा रहा है. इस मुद्दे पर केंद्र और दिल्ली सरकार आमने-सामने आ सकते हैं. रेफरेंडम और विधानसभा में पेश करके केजरीवाल केंद्र पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. माना जा रहा है कि एक बार फिर दिल्ली में राज्य, केंद्र और एलजी के बीच जंग छिड़ सकती है.
 
आसान नहीं है पूर्ण राज्य का दर्जा
दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देना आसान नहीं है. इसके लिए संसद की मंजूरी जरूरी है. पिछली एनडीए सरकार के दौरान भी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की बात हुई थी. तब करीब 450 सांसदों ने तत्कालीन डिप्टी पीएम एलके आडवाणी से मिलकर विरोध जताया था. सीएम बनने के बाद केजरीवाल ने नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के दौरान भी यह मुद्दा उठाया था. बता दें कि संविधान सभा के अध्यक्ष पट्टाभिसीतारमैया ने भी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की सिफारिश की थी, लेकिन ड्राफ्ट कमेटी के चैयरमेन डॉक्टर आंबेडकर ने इसे नकार दिया था.