नई दिल्ली. दिल्ली यूनिवर्सिटी का हिन्दू कॉलेज अपने उस फरमान के लिए विवादों में है जिसमें कॉलेज की छात्राओं का पहनावा समाज के तय मानक के हिसाब से होना चाहिए.
 
दरअसल कॉलेज द्वारा प्रकाशित किए गए नए प्रोसपेक्सटस में कुछ नए नियम जोड़े गए हैं. इन नए नियमों के अनुसार हॉस्टल की लड़कियों के पोषाक को लेकर एक सूची जारी की गई थी जिसमें कहा गया था कि कॉलेज में हॉस्टल से लेकर क्लासरुम तक उनका पहनावा समाज द्वारा तय किए मानकों के मुताबिक़ होना चाहिए.
 
हालाँकि तमाम विरोध के बाद सूची से ड्रेस कोड वाले हिस्से को हटा दिया गया है. इस आदेश का विरोध हिन्दू कॉलेज के साथ-साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों में भी हुआ.
 
वहीं एक अंग्रेजी अख़बार के मुताबिक कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव ने कहा है कि छात्रों के विरोध के बाद उन्होंने सूची से ड्रेस कोड वाली सूचना हटा दी है. अपनी ग़लती स्वीकार करते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘नोटिस जारी करते वक़्त हमसे भूल हुई थी. छात्र अपनी मर्जी के मुताबिक़ कपड़े पहन सकते हैं. इसके लिए उनपर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा.‘