पटना. बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल कांग्रेस के विधायक विनय वर्मा द्वारा शराब पीने की पेशकश करते कैमरे में कैद किए जाने के बाद मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. कांग्रेस ने विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है वहीं विधायक के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत पटना के पाटलिपुत्र थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. एक वीडियो में बिहार के नरकटियागंज के कांग्रेस विधायक विनय वर्मा शराब मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं. यह स्टिंग अपरेशन निजी चैनल की टीम ने पटना के एक होटल में किया है.
 
‘वीडियो में क्या था?’
वीडियो में विधायक कह रहे हैं, आइ विल ऑर यू लिकर, मेरे पास है, कैसे फेंक दूं. वहां गांव में कई ब्रांड हैं. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि स्टिंग में फंसे विधायक को पार्टी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उन्हें सात दिनों के अंदर अपनी स्थिति साफ करने को कहा गया है. 
 
विधायक के खिलाफ FIR दर्ज
इधर, इस मामले में पटना के सहायक उत्पाद आयुक्त कृष्ण कुमार ने पटना के पाटलिपुत्र थाने में विधायक के खिलाफ उत्पाद अधिनियम 2016 तहत एक एफआईआर कराई है. पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि विधायक के खिलाफ पाटलिपुत्र थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. एफआईआर होने के बाद पटना पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने विधायक के पाटलिपुत्र कलोनी स्थित आवास पर छापेमारी की, मगर विधायक अपने आवास पर नहीं मिले. पुलिस के अनुसार, पश्चिम चंपारण जिले के शिकारपुर थाना में भी विधायक के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. 
 
विधायक के आवास पर मारा छापा
उन्होंने बताया कि पटना पुलिस की विशेष टीम इस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है. इधर, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विधायक के नरकटियागंज स्थित आवास पर भी पुलिस द्वारा छापेमारी की गई, लेकिन वहां भी कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ. इस बीच पुलिस ने विधायक को पूछताछ के लिए शिकारपुर थाना ले आई. इसकी जानकारी होने पर विधायक समर्थक उग्र हो गए और थाना पहुंच हंगामा किया तथा विधायक को थाना से अपने साथ ले गए. 
 
विधायक ने आरोपों से किया खंडन
विधायक वर्मा हालांकि इन सभी आरोपों का खंडन किया है. स्टिंग के बारे में पूछे जाने पर विधायक ने कहा कि वह शुद्ध शाकाहारी हैं और शराब नहीं पीते हैं. कुछ दिनों पहले पटना में एक चैनल के लोग उनसे बिहार के टूरिज्म के बारे में बात करने आए थे. इस दौरान उन्होंने शराब का मसला उठा कर कहा कि बिहार ड्राई स्टेट हो चुका है. बिहार आने वाले पर्यटक यदि शराब पीना चाहें तो क्या करें? अब अगर टीवी संवाददाता जवाब को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है, तो यह विधायक की गलती नहीं है. 
 
बिहार सरकार को अब क्या प्रमाण चाहिए: मोदी
मीडिया में यह मामला आने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछा है कि क्या आरोपी विधायक को गिरफ्तार किया जाएगा? मोदी ने ट्वीट किया, एक निजी चैनल के स्टिंग में कांग्रेस विधायक विनय वर्मा द्वारा बैन शराब की पेशकश करने के बाद क्या नीतीश कुमार विधायक को गिरफ्तार करवाएंगे? बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार ने स्टिंग में फंसे विधायक को गिरफ्तार करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि विधायक स्वयं शराब रखने की बात स्वीकार कर रहे हैं. ऐसे में सरकार को अब क्या प्रमाण चाहिए. बता दें कि बिहार में शराब बनाना और उसकी ब्रिकी तथा सेवन प्रतिबंधित है.