उज्जैन. मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ में सांप्रदायिक सद्भाव के भी रंग देखने को मिल रहे हैं. एक तरफ जहां हिंदू क्षिप्रा नदी के जल में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मुस्लिम समाज के नौजवान पानी में डूबने वालों को बचाने में जुटे हैं. उज्जैन में क्षिप्रा नदी के घाटों पर विभिन्न तैराकों के दलों की तैनाती की गई है, ताकि स्नान के दौरान कोई हादसा न हो और जो श्रद्धालु गहरे पानी में पहुंचे उसे सुरक्षित निकाल लिया जाए. सबसे ज्यादा श्रद्धालु रामघाट पर पहुंचते हैं. यहां एक दल मौलाना मौज तैराक संघ का भी तैनात है, इस दल में ज्यादातर युवा मुस्लिम समुदाय से हैं.
 
मौलाना मौज तैराक दल संघ के अध्यक्ष अखलाक खान ने बताया कि उनके दल के सदस्य अब तक 40-45 श्रद्धालुओं को डूबने से बचाए जा चुके हैं. पहले शाही स्नान के दिन 22 अप्रैल को छह जिंदगियों को डूबने से बचाया है. उन्होंने बताया कि तैराक दल न केवल पावन क्षिप्रा नदी में श्रद्धालुओं के साथ स्नान के दौरान होने वाली कोई भी अनहोनी को रोकने के लिए संकल्पित है, बल्कि नदी तटों पर दिखने वाले जहरीले जीवों व सांपों को भी पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगे हैं. इस प्रकार जलजीवों की सुरक्षा भी वे कर रहे हैं. 
 
तैराक दल के सदस्य अब्दुल वाजिद ने बताया कि दल के सभी सदस्य सीटी बजाकर स्नान करने आए श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से चेताते हैं और उन्हें जंजीरों व बैरिकेड्स के भीतर ही रहने के लिए समझाते हैं. इसके बावजूद जब कुछ श्रद्धालु गहरे पानी में डुबकी लगाने के उत्साह में डूबने लगते हैं, वैसे ही दल के सदस्य डूबते व्यक्ति को गोता लगाकर बचा लेते हैं. 
 
मौलाना मौज तैराक दल संघ के अध्यक्ष खान ने आगे बताया कि उनका दल ग्रीन सिंहस्थ-क्लीन सिंहस्थ लिए भी काम कर रहा है. दल के सदस्यों ने होमगार्ड के आह्वान पर रामघाट की साफ-सफाई और नदी के पानी को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिए फूलों व अन्य पूजन सामग्री सहित कचरे को भी निकालकर बाहर किया. 
 
बताया गया है कि तैराक दल वर्तमान तीन शिटों में 24 घंटे श्रद्धालुओं की सेवा व सुरक्षा में लगा हैं. सिविल डिफेंस के रूप में जो भी जिम्मेदारी दल के सदस्यों को सौंपी जाती है, दल द्वारा सेवा भावना से पूरा करने का प्रयास किया जाता है.