इलाहाबाद. तेजाब हमले को लेकर जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से राज्य में तेजाब हमले के पीड़ितों को मुआवजा और मुफ्त इलाज सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनके पुनर्वास के संबंध में राज्य सरकार की नीतियों के बारे में जवाब मांगा है.
 
कोर्ट ने राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 2 मई तय की है. बता दें कि मुख्य न्यायधीश डीवाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की एक खंडपीठ ने ‘मुहिम’ नाम के एक एनजीओ द्वारा दायर जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया है.
 
क्या लिखा है याचिका में
याचिका में मेरठ में तेजाब हमले की शिकार महिलाओं का जिक्र किया गया है. इसमें कहा गया है कि केवल मेरठ में दस महिलाओं पर अलग- अलग जगहों पर तेजाब डाला गया है. जिनमें एक पीड़ित उज्मा की मौत हो गयी है.
 
साथ ही यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद शासन ने पीड़ित महिला को उचित मुआवजा नहीं दिया. याचिका में आरोप लगाया गया है कि सभी तेजाब पीड़ितों को अपने पैसे से इलाज कराना पड़ा जबकि वे सभी साधारण गरीब परिवार से संबंधित है.
 
पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग
याचिका में मांग की गई है कि सरकार कम से कम दस लाख का मुआवजा सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हर पीड़ित महिला को देना सुनिश्चित करे. इसमें यह भी कहा गया है कि यह राज्य का दायित्व है कि सभी तेजाब हमले की पीड़ितों को अपने खर्च पर उच्च स्तरीय अस्पताल में इलाज कराए और उनको समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनका पुनर्वास करे.