नई दिल्ली. नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट खरीदने वालों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने जमीन अधिग्रहण को लेकर यहां के 65 गांवों के किसानों की याचिका रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि  किसानों को जमीन नहीं लौटाई जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है.

किसानों ने अपनी अर्जी में कहा था कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जमीन अधिग्रहण गैरकानूनी तरीके से किया गया और इसके लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से भी अनुमति नहीं ली गई. दूसरी तरफ अथॉरिटी की दलील थी कि इलाके के विकास के लिए जमीन खरीदी गई थी और किसानों के हितों का पूरा ख्याल रखा गया है.

गौर हो कि 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को बहाल रखा था, जिसमें ग्रेटर नोएडा वेस्ट समेत के किसानों की अधिग्रहित जमीन में से 10 फीसदी विकसित जमीन किसानों को दिए जाने का निर्देश दिया गया था. चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की बेंच ने इस मामले में दोनों अथॉरिटी की अर्जी खारिज करते हुए कहा था कि इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले में दखल की जरूरत नहीं है.