नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए सम्मेलन में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया टीएस ठाकुर भावुक हो गए. टीएस ठाकुर ने कहा कि देश में मुकदमों बढ़ रहे हैं, लेकिन जजों की संख्या नहीं. इस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहे.
 
टीएस ठाकुर ने कहा, कोई इस बारे में बात नहीं करता कि जजों ने कितने केसों का निपटारा किया है. जजों की भी काम करने की क्षमता की सीमा है. ठाकुर के मुताबिक, एक भारतीय जज औसतन 2600 जबकि अमेरिकी जज 81 केसों का निस्तारण करता है.
 
जस्टिस ठाकुर ने हाईकोर्ट में रिटायर्ड जजों की नियुक्ति की भी वकालत की है. वहीं पीएम मोदी भी अपने आप को भावुक होने से रोक नहीं पाए और अपने छोटे से स्पीच में आश्वासन देते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को हल करने की पूरी कोशिश करेंगे.
 
 
बता दें कि दिल्ली के विज्ञान भवन में रविवार को राज्यों के मुख्यमंत्र‍ियों और स्टेट हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बैठक बुलाई गई थी.