नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो के जरिए 19वीं बार अपने मन की बात कही है. उन्होंने कहा कि इस गर्मी में देश में पानी की समस्या के कारण देशवासी परेशान है. उन्होंने लोगों से पानी को बचाने का आग्रह किया. 
 
मोदी ने कहा, ‘छुट्टियों में लगता है कि आम का मज़ा लें और कभी ये भी मन करता है कि कुछ पल दोपहर को सोने का मौका मिल जाए, तो अच्छा होगा. लेकिन इस बार की भयंकर गर्मी ने चारों तरफ सारा मज़ा किरकिरा कर दिया है. देश में चिंता होना बहुत स्वाभाविक है और उसमें भी, जब लगातार सूखा पड़ता है, तो पानी-संग्रह के जो स्थान होते हैं, वो भी कम पड़ जाते हैं’.
 
उन्होंने भयंकर गर्मी से हो रही पानी की समस्या पर कहा कि देश में सरकार तो सूखे की समस्या से निजात पाने के लिए कुछ न कुछ कर रही है. लेकिन जनता भी अपनी तरफ से प्रयासरत है. मोदी ने कहा, ‘सूखे से निपटने के लिए पानी के संकट से राहत के लिए सरकारें अपना प्रयास करें, वो तो है, लेकिन मैंने देखा है कि नागरिक भी बहुत ही अच्छे प्रयास करते हैं. कई गाँवों में जागरूकता देखी जाती है और पानी का मूल्य क्या है, वो तो वही जानते हैं, जिन्होनें पानी की तकलीफ झेली है. और इसलिए ऐसी जगह पर, पानी के संबंध में एक संवेदनशीलता भी होती है और कुछ-न-कुछ करने की सक्रियता भी होती है’. 
 
लातूर में पड़ रहे सूखे पर बात करते हुए मोदी ने कहा कि भारतीय रेल ने पानी पहुंचाने पर काफी मदद की है. उन्होंने कहा, ‘जब भारत सरकार रेलवे से पानी लातूर पहुँचाती है, तो दुनिया के लिए वो एक खबर बन जाती है. ये बात सही है कि जिस तेज़ी से रेलवे ने काम किया, वो बधाई की पात्र तो है, लेकिन वो गाँव वाले भी उतने ही बधाई के पात्र हैं. मैं तो कहूँगा, उससे भी ज्यादा बधाई के पात्र हैं’.
 
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सूखे की समस्या से निपटने के लिए और भविष्य को अच्छा बनाने के लिए पानी बचाने और संचय करने की अपील की है.