भोपाल. व्यापम घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरों (सीबीआई) के सामने अपना बयान दर्ज कर कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह खासे नाराज दिखे. दिगविजय सिंह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा विरोध किया और कहा कि उन्होंने केस को रायते की तरह फैला दिया है.
 
दिग्विजय ने कहा कि लैब कि रिपोर्ट आने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. बता दें कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ व्हिसलब्लोअरों आशीष चतुर्वेदी, आनंद राय और प्रशांत पांडे ने शीर्ष अदालत से उसकी निगरानी में सीबीआई जांच करने की मांग की थी.
 
क्या है व्यापम घौटाला?
व्यापमं एक प्रोफेशनल एजुकेशन का संक्षिप्त रूप है, जिसके तहत राज्य में प्री मेडिकल टेस्ट, प्री इंजीनियरिंग टेस्ट और कई सरकारी नौकरियों के एग्जाम होते हैं. यह एक मंडल के रूप में काम करता है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में व्यापम परीक्षा घोटाले में तब्दील तब हो गया. घोटाले की शुरुआत हुई कॉन्ट्रैक्ट टीचर वर्ग-1 और वर्ग-2 और मेडिकल एग्जाम से.
 
जानकारी के अनुसार इसमें ऐसे लोगों को पास किया गया, जिनमें एग्जाम में बैठने तक की योग्यता नहीं थी. और तो और तमाम सरकारी नौकरियों से लेकर पुलिस भर्ती तक हजारों लोगों की भर्तियां नियमों को ताक पर रखकर की गईं. खासकर वो नौकरियां व प्रवेश जो 2011 के बाद परीक्षाओं के तहत दिये गए.