महाराष्ट्र. शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की लड़ाई जीतने के बाद भूमाता ब्रिग्रेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई अब दरगाहों में महिलाओं के प्रवेश को लेकर आंदोलन शुरु करने जा रही है. तृप्ति देसाई ने ऐलान किया है कि बह अब मुंबई के हाजी अली दरगाह में पीर हाजी अली शाह बुखारी की मजार तक महिलाओं के प्रवेश के हक की लड़ाई लड़ेंगी.
 
तृप्ति ने यह भी कहा कि अब उनका अगला पड़ाव मस्जिद और दरगाह में महिलाओं को उनका हक दिलाना है. तृप्ति देसाई ने घोषणा करते हुए कहा कि हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश की इजाजत दिए जाने के लिए दरगाह ट्रस्ट के साथ बातचीत की जाएगी. यदि चर्चा से समाधान नहीं निकला तो 28 को आंदोलन किया जाएगा.
 
‘आंदोलन किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं’
तृप्ति देसाई का कहना है कि यह आंदोलन किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है. हम सिर्फ यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लैंगिक आधार पर कोई भेदभाव न हो. इसके अलावा मंदिरों में प्रवेश की राजनीति के आरोप को नकारते हुए देसाई कहती हैं कि हम सिर्फ बराबरी का अधिकार चाहते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी पूजास्थल में महिलाओं को जाने से रोका जा रहा होगा तो वे उन्हें प्रवेश दिलाने के लिए वहां आंदोलन करने जाएंगी.
 
‘हाजी अली सबके लिए’ फोरम का गठन
मुंबई के हाजी अली में भी महिलाओं का प्रवेश वर्जित है. इसको लेकर बांबे हाईकोर्ट में याचिका विचाराधीन है. धार्मिक स्थलों पर पुरुषों के सात महिलाओं को समान अधिकार देने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के बाद करीब 20 धर्मनिरपेक्ष संस्थाओं और समाजिक कार्यकर्ताओं ने ‘हाजी अली सबके लिए’ फोरम का गठन किया है.
 
दरगाह के ट्रस्टियों से अपील
फोरम के संयोजक जावेद आनंद ने कहा कि हमारा मानना है कि दरगाह में महिलाओं के प्रवेश का मामला धार्मिक मुद्दा नहीं है बल्कि यह रीति-रिवाज और परंपरा से जुड़ा है. इसलिए दरगाह के ट्रस्टियों से अपील है कि वे महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को जल्द हटा लें.
 
मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन: दरगाह ट्रस्ट
इस संबंध में हाजी अली दरगाह ट्रस्ट की ओर से कोई बयान नहीं आया है. दरगाह के एक ट्रस्टी ने कहा कि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है इसलिए इस पर कुछ नहीं कह सकते.