नई दिल्ली. विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10वें सिविल सर्विस डे पर आयोजित अवॉर्ड सेरेमनी को संबोधित किया. उन्होंने देश के सिविल सर्वेंट्स को कहा कि आप महज नौकरी नहीं बल्कि सेवा कर रहे हैं. कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिर्फ एक प्रशासक या एक नियंत्रक होना काफी नहीं है बल्कि बदलाव के लिए एक व्यक्ति को हर स्तर पर काम करना होगा.
 
पीएम ने आगे कहा कि विद्यार्थी परीक्षा देकर घर लौटता है, एक तरफ रिजल्ट का इंतजार करता है लेकिन दूसरी तरफ वह सोचता है कि अगले साल शुरू से पढ़ूंगा. लेकिन जिंदगी वे जी सकते हैं जो रुकावट को अवसर समझते हों. 
 
लोगों के बीच आपसी विश्वास जरुरी
मोदी ने कहा कि देश के हर जिले में लोगों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाना जरुरी है. पीएम का कहना है कि हमे अपने सामने आने वाली हर चुनौती से पार पाना होगा. अगर हम प्रयोग करना ही छोड़ देंगे तो व्यवस्था में बदलाव नहीं आ पाएगा. 
 
‘जो लोग थकते नहीं, वो आगे बढ़ते हैं’
पीएम मोदी बोले की जो लोग थकावट नहीं महसूस करते वे आगे बढ़ते हैं. मोदी ने कहा कि हम लोगों के जीवन में जैसे-जैसे दायित्व बढ़ता है वैसे ही हमारे अंदर कुछ नया करने की ऊर्जा भी बढ़नी चाहिए. मोदी बोले कि सबको को एक ऐसा माहौल बनाना होगा जहां सभी अपना योगदान दे सके. 125 करोड़ लोगों की ऊर्जा देश को ऊंचाईयों पर ले जाएगी.