देहरादून: बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हमले में पैर गंवाने वाले उत्तराखंड पुलिस के घोड़े शक्तिमान की मौत हो गई है. सूत्रों की मानें तो जख्म इतना बढ़ गया था कि इनफैक्शन के कारण उसकी मौत हो गई. कुछ दिन पहले ही शक्तिमान को अमेरिका से मंगाया गया नया प्रोस्थेटिक लेग मिला था. जिसे लेकर शक्तिमान का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया था कि यह नई टांग घोड़े के लिए एकदम फिट है. यानी घोड़े के वजन के मुताबिक़ सूटेबल थी. घटना की यह तस्वीर सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हुई थी. पुलिस ने शव को पोस्टमार्डम ले लिए भेज दिया है. 
 
हरीश रावत ने जताया दुख
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि शक्तिमान की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी के धरना प्रदर्शन के दौरान घायल हुए शक्तिमान घोड़े की मृत्यु का समाचार सुनकर बहुत दुखी हूं. मुझे शक्तिमान की मौत की खबर से गहरा धक्का पहुंचा है. शक्तिमान एक घोड़ा नही वीर सिपाही था.  उन्होंने कहा, ‘शक्तिमान की शहादत पर राजनीतिक टिप्पणी करके उसकी शहादत को कम नहीं करना चाहता.’
 
MLA गणेश जोशी की सफाई
बीजेपी एमएलए गणेश जोशी ने कहा, ”शक्तिमान की मौत दुखद है. इस हादसे में मेरी कोई गलती नहीं है. अगर दोषी साबित हुआ तो मेरी टांग काट देना.”
 
मेनका गांधी की मांग
केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकारों की पैरोकार मेनका गांधी ने शक्तिमान की मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को गिरफ्तार करने की मांग की है. मेनका गांधी ने कहा कि मैं शक्तिमान की मौत से बहुत दुखी हूं. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. उन्होंने यह भी कहा कि घोड़ों को अब हमारे पुलिस बल का हिस्सा नहीं होना चाहिए.
 
Tweeter पर श्रद्धांजलि
शक्तिमान को ट्विटर पर बॉलीवुड सेलेब्रिटी और आम लोगों ने श्रद्धांजलि दी है. इसी के साथ बहुत से लोगों ने बीजेपी विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर ने बीजेपी विधायक गणेश जोशी और घोड़े की तस्वीर लगाते हुए ट्विटर पर लिखा – ‘अगर भारत में जमीर बचा है तो इस शख़्स पर कार्रवाई की जानी चाहिए. चाहे ये कोई भी गणेश जोशी हों. क्या बहरे राजनीतिक कान सुन रहे हैं?’
 
क्या है मामला?
14 मार्च को असेंबली के बाहर प्रदर्शन के दौरान मसूरी MLA गणेश जोशी ने कथित तौर पर घोड़े पर लाठियां बरसाई थीं, जिससे उसका बायां पैर टूट गया था और उनके कारण शक्तिमान की टांग काटनी पड़ी थी हालांकि जोशी ने अपनी सफाई में कहा था कि उन्होंने घोड़े पर हमला नहीं किया था. इस घटना के काफी तूल पकड़ा के कारण गणेश जोशी को जेल भी जाना पड़ा था. फिलहाल वह जमानत में बाहर हैं.