श्रीनगर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री माता वैष्णो देवी नारायण सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का मंगलवार को उद्घाटन किया. इसके बाद श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए दिए सफल होने के कुछ टिप्स दिए. उन्होंने कहा कि आप जो नहीं बन पाए, उसे भूल जाएं और जो बन गए हैं, उसके साथ जीने का हौसला रखें. जीवन में किसी भी मंजिल को पाने के लिए सबसे जरूरी है आपका हौसला. उस हौसले को हमेशा बनाए रखें. ये आपके जीवन में हर समय प्रकाश करता रहेगा.
 
‘बच्चों की कमाई में मां-बाप की खुशी’
मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा ‘आपको सोचने का तरीका बदलना होगा, रास्ते खुद निकल जाएंगे. बच्चों की कमाई से मां-बाप को हमेशा खुशी मिलती है. जब कोई राह दिखाने वाला नहीं होता है तब हमारी असल जिंदगी के संघर्ष की शुरुआत होती है. इस दौरान स्कूल में सिखाए गए सबक हमेशा याद आते हैं. नया करना चाहते हैं तो अपना क्षेत्र बदले और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े. अपनी असफलता से घबराना नहीं, सीखना होगा. जीवन में जो लोग सफल हुए उनका इतिहास उनके संघर्ष को बताता है. सुख-सुविधाओं के बिना भी रास्ते निकलते हैं.’  
 
‘सबसे अच्छी सीख लें’
पीएम मोदी ने कहा ‘हमें सोचना चाहिए कि किसी गरीब ने खाना के पैसे छोड़कर यहां चढ़ावा चढ़ाया. ऐसे कई लोगों से यूनिवर्सिटी चल रही है. आपको सिर्फ लेक्चरर, प्रोफेसर्स ने नहीं बल्कि कैम्पस में कई लोगों ने अच्छी सीख दी होगी. तैत्तरीय उपनिषद में दीक्षांत समारोह का जिक्र है. ये परंपरा हजारों सालों से चली आ रही है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि जिस देश में टैलेंट हो, उसे सपने देखने का हक है. विश्व को कुछ देने का भी हक है. कर्तव्यों को पूरा करने का साम्थ्रय भी है. मोदी ने कहा है कि आप माता बैष्णो देवी के चरणों से दीक्षा शिक्षा प्राप्त कर जा रहे हैं. यह गर्व की बात है.
 
‘आरक्षण की मांग कर सकते हैं पुरुष’
प्रधानमंत्री मोदी ने बेटियों की प्रशंसा करते हुए मजाक भरे लहजे में कहा हो सकता है कि आने वाले दिनों में पुरुष आरक्षण की मांग करें. जिस प्रकार बेटियां हर जगह आगे आ रही हैं. उन्होंने पहली बार ओलंपिक में जिम्नास्ट में क्वावालीफाई करने वाली बेटी दीपा की सरहाना की. उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद केवल संक्लप के कारण वह इस मुकाम पर पहुंच पाई है.