मास्को: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज रूस दौरे पर रूस-भारत-चीन (RIC) के विदेश मंत्रियों की 14वीं बैठक के लिए गई हैं. यहां सुषमा स्वराज ने आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है. सुषमा ने कहा है कि विभिन्न देश आतंकवाद पर दोहरा मानदंड नहीं आपना सकते. सुषमा ने जैश-ए-मुहम्मद के प्रमुख और पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित करवाने के भारत के प्रयास को चीन द्वारा बाधित किए जाने का मुद्दा अपने चीनी समकक्ष वांग यी के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाया है.
 
चीन ने मसूद के खिलाफ चीन को देगा डोजियर
भारत ने आज चीन पर दबाव बनाने के लिए हाईलेवल पर बात की है. चीन ने ही मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने के केस में संयुक्त राष्ट्र में अडंगा डाला था. अब भारत मसूद अजहर के खिलाफ चीन को नए सबूतों के साथ एक डोजियर भी देने जा रहा है. इस मुहिम में तीन बड़े चेहरे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल लगे हैं. एनएसएए अजीत डोभाल की चीनी काउंसिलर यंग जी-चियांद के साथ बातचीत बॉर्डर के मसले पर होनी है, लेकिन सूत्रों से मालूम हुआ है कि आतंकी मसूद अजहर के मुद्दे पर भी बात छिड़ सकती है. 
 
चीन ने वीटो लगाकर मसूद का किया बचाव
दरअसल इसी साल 2 जनवरी को पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने फरवरी में संयुक्त राष्ट्र को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन लगाने के लिए लिखा था. भारत ने मसूद के खिलाफ कई सबूत भी दिए थे लेकिन बैन पर फैसला होने से कुछ ही घंटे पहले चीन ने वीटो का इस्तेमाल करते हुए मसूद अजहर को बचा लिया.
 
दो बार मसूद को ब्लैक लिस्ट में नहीं होने दिया चीन ने
ये दूसरी बार है जब चीन ने आतंक के सरगना मसूद को ब्लैक लिस्ट नहीं होने दिया. 2001 में संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को बैन कर दिया था. 2008 में मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने मसूद अजहर पर बैन लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र से गुहार लगाई थी लेकिन तब भी चीन ने अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल कर लिया था. चीन के रुख को देखते हुए अब भारत मसूद अजहर को लेकर चौतरफा घेराबंदी में जुटा है. सबसे खास बात ये है कि भारत ने हाईलेवल पर मुहिम छेड़ी है.