नई दिल्ली. इशरत जहां मामले में पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम की भूमिका पर सवाल खड़े हो रह हैं. ऐसे में फिर से एनडीए सरकार ने कहा है कि मामले में चिदंबरम ने अपने पद का दुरुपयोग किया है.
 
गृह राज्यगमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “चिदंबरम ने अपना फ़र्ज़ अदा नहीं किया. अपनी पोजीशन का दुरुपयोग किया. इशरत की सूचनाओं को उन्होंने नज़रअंदाज़ किया. अब वो रंगे हाथ पकड़े गए हैं, बच नहीं सकते.” पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम पर मौजूदा गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू का हमला यहीं नहीं रुका. उन्होंने चिदंबरम को सीधे-सीधे देशद्रोही करार दिया.
 
रिजीजू का आरोप है कि ‘चिदंबरम की वजह से आईबी और सीबीआई में टकराव हुआ. हमारी जांच एजेंसियों का हौसला इसकी वजह से टूटा. चिदंबरम पर ज़रूर कोई राजनीतिक दबाव रहा होगा. इसकी वजह से इशरत का मामला पेचीदा हो गया.’
 
बुरे फंसे चिदंबरम
चिदंबरम पर आरोप  है कि उन्होंने इशरत जहां केस से जुड़े तथ्यों से छेड़छाड़ की थी. चिदंबरम ने कहा था कि पहले हल्फनामे को उन्होंने मंजूरी नहीं दी थी जबिक उनके पहले हल्फनामे में दस्तखत थे.
 
हालांकि इस मुद्दे पर चिदंबरम पहले ही सफ़ाई दे चुके हैं. उनका कहना है, इशरत पर पहला एफिडेविट भरोसे के लायक नहीं था. कांग्रेस याद दिला रही है कि इशरत की हत्या को अदालत ने फ़र्ज़ी मुठभेड़ का नतीजा माना है.