मुंबई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में पहले मैरीटाइम इंडिया समिट 2016 का उद्घाटन किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि यह पहली बार है जब इस स्तर का वैश्विक कार्यक्रम भारत में आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यह इंडिया का मास्टर प्लान है. इसके अलावा उन्होंने उद्घाटन से पहले बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा पर हार चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की.
 
समिट पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास वैश्विक मैरीटाइम सेक्टर में भारत के स्थान में सुधार करना है. साथ ही पीएम ने यह भी बताया कि आईएमएफ और विश्व बैंक ने भारत के अच्छे दिन के संकेत दिए हैं.
 
मैरीटाइम सेक्टर है इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट: पीएम
 
पीएम मोदी ने कहा कि मैरीटाइम सेक्टर देश में परिवहन का सबसे बड़ा स्रोत बन सकता है. साथ ही यह सबसे अधिक इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट है. हालांकि पीएम ने यह भी कहा कि हमें यह ध्यान रखने की जरूरत है कि हमारी जीवनशैली, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और व्यापार के तरीकों से समुद्रों, महासागरों की सेहत पर बुरा असर न पड़े. 
 
‘तटीय सीमाएं बनेंगी विकास का इंजन’
 
समिट के दौरान पीएम मोदी ने भारत की तटीय सीमाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत की तटीय सीमाएं कई देशों से लगती हैं. यही तटीय सीमाएं भारत के विकास का इंजन बनेंगी. इसके अलावा पीएम ने निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि यह भारत के समुद्री क्षेत्र में निवेश करने का सही समय है. अगर आप भारत में निवेश करना चाहते हैं तो मैरीटाइम सेक्टर में करिए.
 
PM ने अंबेडकर को किया याद
 
डॉ. भीम राव अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अंबेडकर जल और नदी नौपरिवहन नीति के निर्माता थे और उन्हें यह कहते हुए खुशी हो रही है कि उन्होंने बाबा साहेब के विचारों को ध्यान में रखते हुए नेशनल वाटरवेज के विकास की शुरुआत की है.