गाजियाबाद. देश में भारत माता की जय बोलने को लेकर चल रहे विवाद के बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ  के उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के प्रचार प्रमुख कृपाशंकर ने बयान दिया है. उन्होंने नारे न लगाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा है कि आज देश के जो हालात हैं, उनमें विघटनकारी शक्तियो की छटपटाहट देखते ही बन रही है. उन्होंने कहा कि वंदेमातरम और भारत माता की जय बोलने में भी संकट की स्थिति बन जाती है. कृपाशंकर ने एक कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा कि जब पूरा विश्व भारत का गुणगान कर रहा है, तब देश में छिपे गद्दार और अराजक तत्व देश को कमजोर बनाने का काम कर रहे है. 
 
 JNU घटना में देश दो भागों में बंटा
कृपाशंकर ने जेएनयू विवाद पर बोलते हुए कहा कि जेएनयू में देश विरोधी नारों पर देश दो भागों में बंटता दिखाई देता है. असहिष्णुता का शोर मचाया जा रहा है, पुरस्कार लौटाए जा रहे हैं और कहा जाता है कि देश रहने लायक नहीं है. 
 
छिपे गद्दार कर रहें हैं देश को बांटने का काम
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि विश्व में भारत अपना खोया हुआ गौरव प्राप्त करता दिखाई दे रहा है और भारत माता की जय-जयकार हो रही है. उन्होंने कहा कि भारतवासियों का स्वाभिमान जाग रहा है. ऐसे में वह दिन दूर नहीं जब भारत दोबारा विश्व गुरु के पद पर आसीन होगा. इन दिनों देश विरोधी ताकतें देश को बांटने का काम कर रही हैं.
 
असहिष्णुता के मुद्दे पर सवाल
कृपाशंकर ने कहा कि जेएनयू के छात्र देशद्रोह करते हैं तो राजनीति शुरू हो जाती है. कश्मीर में छात्रों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है तो उन्हें पीटा जाता है और कोई राजनीतिक दल सामने नहीं आता. दादरी में अखलाक मरता है तो देश असहिष्णु हो जाता है और दिल्ली में डॉ नारंग की निर्मम हत्या पर सब शांत हो जाते हैं.