कोच्चि. केरल हाईकोर्ट की देवासम पीठ मंगलवार को उस पत्र पर सुनवाई करेगा, जिसमें कोर्ट से मंदिर हादसे को स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है. पत्र में कहा गया है कि कोई भी बेगुनाह लोगों की जान नहीं ले सकता. देवासम पीठ केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. चितम्बरेश की ओर से लिखे पत्र को जनहित याचिका के रूप में लेगी. यह पत्र रविवार तड़के कोल्लम जिले के पेरावुर कस्बे में पुत्तिंगल देवी मंदिर में आतिशबाजी के दौरान आग में 112 लोगों के मारे जाने और 350 से ज्यादा लोगों के घायल होने के बाद लिखा गया है. 
 
बता दें कि न्यायमूर्ति चितम्बरेश ने सोमवार को केरल उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार को एक पत्र लिखा था. कोर्ट ने पत्र मंदिर से संबंधित मामले देखने वाली देवासम पीठ को सौंपने का निर्णय लिया और उससे इसे जनहित याचिका के रूप में लेने के लिए कहा. पीठ अब इस पर मंगलवार दोपहर 1.45 बजे सुनवाई करेगी. न्यायमूर्ति चितम्बरेश ने आठ नवंबर, 2011 को केरल हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी और उन्हें सात दिसंबर, 2012 से स्थायी न्यायाधीश नियुक्त कर दिया गया.
 
ऐसे लगी थी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग कोल्लम जिले के तटीय शहर परावूर स्थित पुत्तिंगल मंदिर में रविवार तड़के 3.30 बजे तब लगी, जब वहां हो रही आतिशबाजी से एक चिंगारी निकलकर उस इमारत में जा गिरी, जहां उत्सव मनाने के लिए बड़ी संख्या में उच्च क्षमता वाले पटाखे रखे थे. आतिशबाजी के बीच देखते ही देखते पटाखों में धमाके शुरू हो गए और भयंकर आग लग गई. कुछ ही पलों में पूरी इमारत धराशायी हो गई. मंदिर में रविवार तड़के शुरू हुई आतिशबाजी देखने के लिए हजारों लोग इकट्ठा हुए थे. पुत्तिंगल देवी को समर्पित यह मंदिर आमतौर पर सुबह पांच बजे खुलता है. 
 
CM चांड़ी ने आर्थिक मदद देने की घोषणा
राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने हादसे की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की है, साथ ही केरल पुलिस की अपराध शाखा से भी इसकी जांच कराने का ऐलान किया है. वहीं चांडी ने कोल्लम में आपात कैबिनेट बैठक के बाद मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को दो लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की. उन्होंने माना कि मंदिर में आतिशबाजी की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद यह कार्यक्रम हुआ. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मंदिर में आतिशबाजी शो पर पूरी तरह रोक लगाना भी मुश्किल है.