नई दिल्ली. केरल के मंदिर में हुए अग्निकांड को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने केरल सरकार को नोटिस जारी किया. उस हादसे में कम से कम 112 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 300 से अधिक घायल हैं. समुद्र तटीय शहर पेरावुर में पुत्तिंगाल देवी मंदिर में रविवार को हुए हादसे के बारे में मीडिया में आई खबरों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने कहा है कि यह बहुत चिंता की बात है कि मंदिर प्रशासन आतिशबाजी में लगा रहा, जबकि कोल्लम जिला प्रशासन से इसकी कोई इजाजत नहीं थी.
 
आयोग की ओर से यहां जारी बयान में कहा गया है, “आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, जिलाधिकारी और कोल्लम के पुलिस अधीक्षक को एक नोटिस जारी किया है और उन्हें चार हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है.” 
 
आयोग ने राज्य सरकार से यह बताने को भी कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं घटें इसके लिए उसने कौन-कौन से कदम उठाए हैं.
 
ऐसे लगी थी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग कोल्लम जिले के तटीय शहर परावूर स्थित पुत्तिंगल मंदिर में रविवार तड़के 3.30 बजे तब लगी, जब वहां हो रही आतिशबाजी से एक चिंगारी निकलकर उस इमारत में जा गिरी, जहां उत्सव मनाने के लिए बड़ी संख्या में उच्च क्षमता वाले पटाखे रखे थे. आतिशबाजी के बीच देखते ही देखते पटाखों में धमाके शुरू हो गए और भयंकर आग लग गई. कुछ ही पलों में पूरी इमारत धराशायी हो गई. मंदिर में रविवार तड़के शुरू हुई आतिशबाजी देखने के लिए हजारों लोग इकट्ठा हुए थे. पुत्तिंगल देवी को समर्पित यह मंदिर आमतौर पर सुबह पांच बजे खुलता है. 
 
CM चांड़ी ने आर्थिक मदद देने की घोषणा
राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने हादसे की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की है, साथ ही केरल पुलिस की अपराध शाखा से भी इसकी जांच कराने का ऐलान किया है. वहीं चांडी ने कोल्लम में आपात कैबिनेट बैठक के बाद मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को दो लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की. उन्होंने माना कि मंदिर में आतिशबाजी की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद यह कार्यक्रम हुआ. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मंदिर में आतिशबाजी शो पर पूरी तरह रोक लगाना भी मुश्किल है.