नई दिल्ली. सरकार 25 लाख से ज्यादा दिव्यांगों को अगले सात सालों में प्रशिक्षण देगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह घोषणा की है. उन्होंने कहा, “भारत समावेशी और एकीकरण में विश्वास करता है. यह वासुधैव कुटुंबकम के भारतीय दर्शनशास्त्र से उपजी है. जिसका मतलब है कि पूरी दुनिया हमारा परिवार है.” मोदी ने यहां डिजेबल्ड पीपल्स इंटरनेशनल (डीपीआई) के 9वें वर्ल्ड एसेंबली के दौरान भेजे गए संदेश में कहा, “दिव्यांग भारत की आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और सार्थक रोजगार की उनकी जरूरत पूरी नहीं हुई है. भारत सरकार ने अगले सात सालों में 25 लाख दिव्यांग लोगों को प्रशिक्षण देने का फैसला किया है.” 
 
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने बयान जारी कर कहा, “सरकार विकलांगों के लिए प्रतिबद्ध है और यह इस मामले में मोदी की निजी रुचि से भी जाहिर होता है.” 9वें वर्ल्ड एसेंबली में 70 देशों के 200 से ज्यादा दिव्यांग लोग भाग लेने यहां पहुंचे हैं. 
 
न्यूयार्क और जेनेवा दोनों जगहों पर संयुक्त राष्ट्र के इक्वाडोर के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि लुइस गालेगोस ने कहा, “समाज के कारण ऐसे लोगों को भरपूर जीवन जीने में बाधा आती है. निश्चित रूप से उम्र के साथ हम सभी दिव्यांग हो जाते हैं. यह हम सब के बारे में है न कि केवल दिव्यांगों के बारे में.” 
 
डीपीआई के ग्लोबल चेयर और नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ इम्प्लाइमेंट फॉर डिसेबल्ड पीपल (एनसीपीईडीपी) के निदेशक जावेद आबीदी का कहना है, “डीपीआई के 9वें वर्ल्ड एसेंबली में एक्सेस, ज्ञान हस्तांतरण, निगरानी और आत्मनिर्णय और प्रतिनिधित्व के बारे में चर्चा की गई और साल 2030 का एजेंडा तैयार किया गया.”