नई दिल्ली. विवादों में रहने वाले द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने महाराष्ट्र के सूखे पर अजीबो-गरीब बयान दिया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और अन्य जगहों पर जो सूखा पड़ रहा है वो सिर्फ इसलिए है क्योंकि लोग साईं बाबा की पूजा कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि सांई को भगवान की तरह पूजा जाना अशुभ है. स्वरूपानंद ने आगे कहा कि ऐसे में प्रकृति श्राप देती है जहां-जहां भी ऐसा हुआ है वहां सूखा पड़ा है. जिन स्थानों पर सांई की पूजा की गई है वहां बाढ़ आई है, मौत या भया का वातावरण निर्मित हुआ है. महाराष्ट्र में यह सब हो रहा है.
 
‘साईं की जगह गणेश पूजा करें महाराष्ट्र के लोग’
शंकराचार्य ने कहा, ‘अगर सूखे से बचना है तो तुरंत साईं की पूजा बंद होनी चाहिए. महाराष्ट्र के आराध्य भगवान गणेश है इसलिए गणेश की पूजा होनी चाहिए.’ उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में गणेश का वास है, लेकिन पूजा साईं की हो रही है. जिस भगवान की पूजा होनी चाहिए, उसका निरादर हो रहा है.
 
‘शनि गृह है पूजा न करें’
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती यहीं नहीं रुके. उन्होंने महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर में महिलाओं को प्रवेश मिलने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं वो तब तक नहीं रुकेंगे जब तक महिलाएं शनि की पूजा करना बंद नहीं करेंगी.’ उन्होंने कहा कि शनि भगवान नहीं एक गृह हैं और गृह की शांति होती है पूजा नहीं की जाती.
 
इससे पहले भी किया विरोध
बता दें कि इससे पहले भी शंकराचार्य साईं को लेकर विवादित बयान देने के लिए चर्चा में रहे हैं. वह पहले भी साईं पूजा का मान्यता देने का विरोध करते रहे हैं. वर्ष 2014 में उन्होंने साईं पूजा का विरोध करने के लिए एक धर्म संसद का भी आयोजन किया था जहां सर्वसम्मति के साईं पूजा का बहिष्कार करने का ऐलान किया गया था.