जम्मू. श्रीनगर के एनआईटी में छात्रों के समर्थन के लिए दिल्ली से रवाना हुए 150 छात्रों को पुलिस ने जम्मू-कश्मीर की सरहद में घुसने से रोक लिया है. इन छात्रों को लखनपुर-माधोपुर बॉर्डर पर रोका गया है लेकिन वह अपनी बात पर अड़े हुए है कि वे घाटी में तिरंगा फहरा कर ही वापस लौटेंगे.
 
जानकारी के अनुसार पुलिस मजिस्ट्रेट उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन तेजिंदर पाल और उनके साथी कार्यकर्ताओं ने वहीं प्रदर्शन करना शुरु कर दिया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर की पुलिस से सवाल किया है कि उन लोगों को आगे बढ़ने से क्यों रोका जा रहा है.
 
पुलिस का कहना है कि अगर ये लोग NIT श्रीनगर पहुंच जाएंगे तो वहां कानून-व्यवस्था गड़बड़ा सकती है. नौजवानों का कहना है कि भले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए लेकिन वे तिरंगा फहरा कर ही रहेंगे. बता दें कि 12 राज्यों के करीब 150 छात्र दिल्ली से श्रीनगर के लिए तिरंगा लहराया और भारत माता की जय का नारा लगाकर रवाना हुए थे.
 
क्या है मामला?
दरअसल भारतीय क्रिकेट टीम की वेस्ट इंडीज से हार के बाद कुछ कश्मीरी छात्रों ने जश्न मनाया जिसका विरोध कुछ गैर कश्मीरी छात्रों ने किया. इस बीच अगले दिन गैर कश्मीरी छात्रों ने घाटी में तिरंगा लहराते हुए भारत माता की जय के नारे लगाए.
 
मामला तब बिगड़ा जब पुलिस ने कार्रवाई में इन छात्रों पर लाठीचार्ज किया जिसके बाद सरकार का देशभर में विरोध किया जाने लगा है. राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का कहना है कि यह छात्रों के बीच छिड़ी एक छोटी सी बहस है जिसे सांप्रदायिक रुप दिया जा रहा है.