नई दिल्ली. दिल्ली के निर्भया गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट राजू रामचंद्रन और संजय हेगड़े को दोषियों की पैरवी करने का आदेश दिया है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट बचाव पक्ष के वकीलों की सुनवाई से संतुष्ट नहीं था. जिसके बाद कोर्ट को दोषियों की सुनवाई के लिए दो सीनियर जज को नियुक्त करना पड़ा है.

कोर्ट के आदेश के बाद राजू रामचंद्रन दोषी मुकेश और पवन के लिए पैरवी करेंगे, जबकि संजय हेगड़े दोषी विनय और अक्षय की पैरवी करेंगे. मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी.

बता दें कि 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में चलती बस में निर्भया के साथ गैंग रेप हुआ था. इस मामले में साकेत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सितंबर 2013 में चार दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय को फांसी की सजा सुनाई थी. जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 13 मार्च 2014 को मुहर लगा दी थी.

हाईकोर्ट ने दोषियों की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उनका अपराध दुर्लभ से दुर्लभतम की श्रेणी में आता है. हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.