श्रीनगर: एनआईटी श्रीनगर में देशभक्ति जताने और तिरंगा फहराने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस विवाद के चलते कैंपस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पैरामिलटरी की 5 कंपनियों के 600 जवान एनआईटी की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए गए हैं. पुलिस लाठीचार्ज में कई गैर कश्मीरी छात्रों के घायल होने पर छात्रों ने शुक्रवार को भी प्रदर्शन किया. छात्रों ने एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के पास जाकर विरोध किया, इसके बाद सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें रोक दिया. इसी बीच एचआरडी मंत्रालय की टीम पहले से वहां मौजूद है और छात्रों के पेपर तक वहां रहेगी. 
 
छात्रों की कैंपस शिफ्ट करने की मांग
श्रीनगर एनआईटी में देशभक्ति जताने और तिरंगा फहराने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस दौरान भारत माता की जय के नारे भी लगाए गए. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने एनआईटी को श्रीनगर से शिफ्ट करने और लाठीचार्ज में शामिल पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. सभी छात्र हाथों में बैनर, होर्डिंग के अलावा तिरंगा को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.
 
छात्रों से HRD टीम ने की बात 
एचआरडी की भेजी दो सदस्यीय टीम में एचआरडी मंत्रालय में निदेशक (तकनीकी शिक्षा) संजीव शर्मा और उप-निदेशक वित्त फजल महमूद शामिल हैं. HRD मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि हालात को लेकर उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से फोन पर बात की. उन्होंने जांच टीम का हवाला देते हुए कहा कि टीम के सदस्यों ने NIT कैंपस में करीब 500 छात्रों से हालात को लेकर बातचीत की. बाहरी छात्रों ने NIT को दूसरे जगह शिफ्ट करने की मांग की, जबकि स्थानीय छात्रों ने इसका विरोध किया.
 
‘सुरक्षित वातावरण में होगी परीक्षा’ 
स्मृति ईरानी ने कहा कि पहली नजर में राज्य में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है. इसी के मद्देनजर उन्होंने महबूबा मुफ्ती से भी बात की. केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि NIT श्रीनगर में सुरक्षित वातावरण में परीक्षा होगी. छात्रों को कोई दिक्कत नहीं होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
 
क्या था मामला?
NIT कैम्पस में 31 मार्च को तनाव शुरु हुआ जब कुछ कश्मीरी छात्रों ने टी 20 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत पर वेस्टइंडीज की जीत की खुशी में पटाखे जलाए. इसके अगले दिन कुछ छात्रों ने शुक्रवार की नमाज अदा करके लौट रहे कश्मीरी छात्रों की पिटाई कर दी. सुरक्षाबलों ने कैम्पस में छात्रों के दो गुटों को खदडऩे के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. इसके बाद ‘भारत माता की जय’ बोलने से इंकार करने पर छात्रों ने एक कश्मीरी युवक की कथित रूप से पिटाई कर दी जिसके बाद से एनआईटी कैम्पस में स्थिति तनावपूर्ण है. हुर्रियत कांफ्रेंस समेत अलगाववादी संगठनों ने कश्मीरी छात्रों पर हमला करने के लिए गैर कश्मीरी छात्रों की आलोचना की.